मशहूर उत्पादों को बड़ा प्लेटफॉर्म देगा आत्मनिर्भर भारत अभियान:सांसद सीपी जोशी बोले – हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी का संकल्प लें

चित्तौड़गढ़ के सांसद और आत्मनिर्भर भारत अभियान के राष्ट्रीय सह संयोजक सीपी जोशी ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर आत्मनिर्भर भारत अभियान आज एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” का संकल्प हमें गर्व के साथ लेना होगा। जब कोई खरीदार बाजार से सामान खरीदे, तो गर्व से कहे कि यह स्वदेशी है और जब कोई दुकानदार अपना माल बेचे, तो गर्व से कहे कि यह स्वदेशी उत्पाद है। यही आत्मनिर्भर भारत की असली भावना है। सांसद जोशी ने समझाया कि स्वदेशी का अर्थ केवल दीयों और पारंपरिक वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हर उस उत्पाद से है, जिसमें हमारे देश की मिट्टी की खुशबू और श्रमिकों के पसीने की मेहनत शामिल हो। उन्होंने कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास रहा है। प्राचीन समय में हमारी अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे आगे थी और अकेले भारत दुनिया का करीब 32 प्रतिशत उत्पादन करता था। यही कारण था कि भारत को “सोने की चिड़िया” कहा जाता था। लेकिन विदेशी आक्रमणकारियों ने यहां बार-बार हमला कर हमारी संपदा लूटी। अंग्रेजों के समय भारत से करीब 45 ट्रिलियन डॉलर की दौलत बाहर ले जाई गई। उन्होंने बताया कि आजादी से पहले भारत रक्षा, तकनीक, कृषि और ज्ञान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर था, लेकिन स्वतंत्रता के बाद ऐसे भी हालात आए जब हमें चावल और गेहूं तक आयात करना पड़ा। यहां तक कि देश को सोना गिरवी रखना पड़ा। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत फिर से आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से बढ़ रहा है। सांसद जोशी ने कहा कि आज भारत दुनिया का 40 प्रतिशत चावल निर्यात करता है। दूध और गेहूं उत्पादन में अग्रणी है, मोबाइल निर्माण में दूसरा स्थान रखता है। विज्ञान और तकनीक में भी हम बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। मंगलयान और चंद्रयान जैसी सफलताएं हमारी तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं। ब्रह्मोस मिसाइल, आईएनएस विक्रांत, बुलेटप्रूफ जैकेट, रेलवे तकनीक और सेमीकंडक्टर चिप जैसी चीजें अब भारत में ही बन रही हैं। कोविड महामारी के समय भारत ने खुद पीपीई किट और वैक्सीन तैयार कर दुनिया को आत्मनिर्भर भारत का उदाहरण दिखाया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का है। अगर हर व्यक्ति इसे अपनी जिम्मेदारी समझे, तो वर्ष 2047 तक भारत निश्चित ही विकसित राष्ट्र बन सकता है। इसी उद्देश्य से भाजपा इस अभियान को लोगों तक पहुंचाने के लिए युवा सम्मेलन, महिला सम्मेलन, छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों के सम्मेलन आयोजित कर रही है। सांसद जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” अभियान भी आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे हर जिले का एक खास उत्पाद राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान पाएगा। राजस्थान के कई उत्पाद दुनिया में मशहूर हैं और उन्हें इस योजना से बड़ा बाजार मिलेगा। इसके साथ ही “स्वदेशी मेला” आयोजित करने की भी योजना है, जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और छोटे उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने जीएसटी सुधारों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि टैक्स घटने से सीधा फायदा उपभोक्ताओं को हुआ है। लोगों की बचत बढ़ी है और जब बचत बढ़ती है तो खर्च भी बढ़ता है। खर्च बढ़ेगा तो उत्पादन भी बढ़ेगा, उत्पादन बढ़ेगा तो नए उद्योग लगेंगे और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सांसद सीपी जोशी का मानना है कि आत्मनिर्भर भारत अभियान केवल आर्थिक मजबूती नहीं बल्कि आत्मसम्मान और स्वदेशी गर्व का भी प्रतीक है। यदि हम सब मिलकर इस अभियान को जीवनशैली का हिस्सा बना लें, तो भारत न केवल आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि दुनिया में विकास और प्रगति का नेतृत्व भी करेगा।

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