प्रयागराज महाकुंभ में मकर संक्रांति के अवसर पर मंगलवार को पहला शाही स्नान हुआ, जिसमें मेहंदीपुर बालाजी के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाकर शाही स्नान किया। अलसुबह ढोल-नगाड़ों की गूंज और बालाजी महाराज की जयकारों के बीच सुसज्जित बग्गी में सवार होकर संगम में शाही स्नान किया। इसमें बड़ी तादाद में साधु-महात्माओं और भक्तों ने भी भाग लिया। इस मौके पर महंत ने देश और प्रदेश की खुशहाली को लेकर बालाजी महाराज से प्रार्थना की। शाही स्नान के बाद महंत ने तिल के लड्डू, दक्षिणा और गर्म कंबलों का वितरण कर पुण्य कार्य किया। उन्होंने सेवा, दान और परोपकार के महत्व को समझाते हुए भक्तों को भक्ति और सद्भावना का संदेश दिया। 144 वर्ष बाद आया अद्भुत दिन महंत ने बताया कि 144 वर्षों बाद मकर संक्रांति पर एक दुर्लभ खगोलीय संयोग लेकर आया है। इस दिन सूर्य और अन्य ग्रहों की विशेष स्थिति ने इसे अत्यंत शुभ और कल्याणकारी बना दिया है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र अवसर पर संगम में स्नान करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है। मेहंदीपुर बालाजी सेवा शिविर का उद्घाटन इससे पहले महंत ने महाकुंभ क्षेत्र में मेहंदीपुर बालाजी सेवा शिविर का उद्घाटन किया। इसमें श्रद्धालुओं को प्रतिदिन सुबह का नाश्ता और दोनों समय का भोजन प्रसादी के रूप में निशुल्क वितरित किया जा रहा है। यह शिविर बालाजी महाराज की कृपा से जरूरतमंदों की सहायता और समाज में भक्ति की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।


