महर्षि दयानंद के विचारों से दुर्व्यसनी मुंशीराम बना स्वामी श्रद्धानंद:सुमेधानंद

जयपुर| गांधी पथ वैशाली नगर स्थित एक पैराडाइज में अमर हुतात्मा गुरुकुल परंपरा के संस्थापक, देशभक्त स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ पंचकुंडीय यज्ञ से किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती ने कहा कि मुंशीराम नामक व्यक्ति धन वैभव और ऐश्वर्य पाकर दुर्व्यसनी,नास्तिक बने व्यक्ति के जीवन को महर्षि दयानंद रूपी महामानव के प्रथम विचार ने ही महान व्यक्तित्व बना दिया। उन्होंने गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना की। मुख्य वक्ता देहरादून से आए गौतम खट्टर ने कहा कि महात्मा गांधी जब दक्षिण अफ्रीका में मानवता की लड़ाई लड़ रहे थे, उन्हें संकट काल में सर्वाधिक आर्थिक सहयोग करने वाले स्वामी श्रद्धानंद ही थे। कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक एवं धर्म जागरण प्रकोष्ठ के प्रभारी सत्यम राव, आर्य प्रतिनिधित्व राजस्थान के मंत्री विनोद आर्य ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान के प्रधान वेदपाल शास्त्री ने की। आचार्य दीपक शास्त्री ने यज्ञ संपन्न कराया। इस अवसर पर पतंजलि योग समिति के प्रभारी बजरंग सिंह शेखावत, कोषाध्यक्ष मोहनलाल आर्य सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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