महाकाल के अवन्तिका द्वार दर्शन व्यवस्था में अनियमितता:उज्जैन महापौर ने आंदोलन की चेतावनी दी, कहा- उज्जैनवासियों के हित में जल्द निर्णय लें

उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल ने श्री महाकालेश्वर मंदिर में उज्जैनवासियों के लिए अवन्तिका द्वार से शुरू की गई शीघ्र दर्शन व्यवस्था में अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कलेक्टर एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है और मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। महापौर टटवाल ने अपने पत्र में बताया कि उज्जैन के निवासियों को आधार कार्ड के माध्यम से अवन्तिका द्वार से सुलभ और शीघ्र दर्शन की सुविधा दी गई थी। इसका उद्देश्य स्थानीय श्रद्धालुओं को लंबी कतारों से राहत दिलाना था। हालांकि, वर्तमान में अवन्तिका द्वार से प्रवेश के बाद भी उज्जैन के दर्शनार्थियों को सामान्य कतार में शामिल कर दिया जाता है, जिससे शीघ्र दर्शन का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। पत्र में यह भी उल्लेख है कि पर्व और विशेष अवसरों पर उज्जैनवासियों के लिए यह सुविधा बंद कर दी जाती है। इन अवसरों पर ही बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु महाकाल मंदिर दर्शन के लिए आते हैं, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। महापौर ने जोर देकर कहा कि जब यह सुविधा उज्जैनवासियों के लिए शुरू की गई है, तो उन्हें पर्व एवं विशेष अवसरों पर भी इसका लाभ मिलना चाहिए। महापौर मुकेश टटवाल ने मंदिर प्रबंधन से मांग की है कि उज्जैन के दर्शनार्थियों के लिए अवन्तिका गेट से शीघ्र दर्शन मार्ग की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। साथ ही, पर्व और विशेष अवसरों पर भी इस सुविधा को जारी रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उज्जैनवासियों के हित में जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो उन्हें आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।

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