उदयपुर के महाकाल मंदिर में आज आदित्यार्क महोत्सव (आदित्यार्घ्य पूजन) के तहत भगवान शिव का पूजन कर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य दिया गया। कार्यक्रम संयोजक प्रदीप श्रीमाली ने बताया कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति वैदिक संस्कृति का मूल स्वरूप है और आदि अनादिकाल से मजबूत राष्ट्र निर्माण के लिए सूर्य का उत्तरायण पर आने पर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इससे राष्ट्र का कल्याण होता है जनमंगल का कल्याण होता है। समिति के संरक्षक गोविंद दीक्षित ने कहा कि वैदिक संस्कृति का यह आयोजन विगत 10 वर्षों से उदयपुर के महाकाल मंदिर में किया जा रहा है। हमारा प्रयास यही रहेगा की आमजन इस आयोजन से जुड़े जिससे कि विश्व का और राष्ट्र का कल्याण हो ओर युवा वर्ग उतम स्वास्थ्य के साथ आगे बढ़े।
कार्यक्रम के सह संयोजक नेमीचंद आचार्य और ललित सेन ने सभी भक्तों का स्वागत करते हुए ऊपरना ओढ़ाकर तिलक लगाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पूर्व राज्यमंत्री जगदीशराज श्रीमाली, भाजपा नेता अतुल चंडालिया, रामकृपा शर्मा, जगदीश शर्मा, अनिल पूनमिया, जगदीश भट्ट, श्रीमाली समाज के मेवाड़ के अध्यक्ष दिग्विजय श्रीमाली, भूषण श्रीमाली रहे। कार्यक्रम का भव्य पूजन और मंत्र उच्चारण आचार्य पंडित नरेश श्रीमाली द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महिला टीम के आयोजन समिति के डॉ सुरभि मेनारिया धींग, सुनीता कंवर, निवेदिता जोशी, नीता नंदवाना, पूर्णिमा मेनारिया, प्रमिला खींची, डॉ निशा दीक्षित, खुशलता श्रीमाली आदि मौजूद रहे। महादेव सेना के सरक्षक राजेन्द्र सिंह भाटी द्वारा अखाड़ा प्रदर्शन किया गया। उदयपुर के वरिष्ठ सर्जन डॉ पी पी शर्मा द्वारा निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया।


