महासमुंद| महासमुंद नगर में सर्व महाकाल परिवार समिति के सदस्य गौ सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं। समिति के सदस्य नगर में भटकते गौवंशों के लिए चारे की व्यवस्था के लिए अग्रसर है। खुद के खर्च से समिति के सदस्य गौवंशों के लिए हरी सब्जी, टमाटर व अन्य खरीदते हैं। नगर सहित आसपास के गांवों में कहीं भी गौवंश घायल हो या मृत हो समिति के सदस्यों को पहले फोन से सूचना मिल जाती है। समिति के सदस्य मृत गौवंशों को जेसीबी की सहायता से हटवाकर उनका अंतिम संस्कार करते है। गौवंशों के पूरे इलाज व चारे का खर्च समिति के सदस्य स्वयं उठाते है। अंचल के आसपास कहीं भी गौवंश दुर्घटना में घायल होते है तो समिति के सदस्य को फोन कर लोग जानकारी देते हैं। समिति के सदस्य पशु चिकित्सक को साथ लेकर मौके पर पहुंच घायल गौवंश का इलाज करवाते है। समिति के सदस्य जय तंबोली ने बताया कि समिति स्वयं खर्चा वहन करती है। समिति में महासमुंद नगर सहित आसपास के गांव से कुल 80 सदस्य है। सभी सदस्य गौवंशों के सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। सड़क में घायल व मृत गौवंशों को देख समिति के संस्थापक के मन में विचार आया कि क्यों न एक ऐसा समिति बनाएं जो गौसेवा के क्षेत्र में कार्य करे। इसी विचार के साथ समिति की नींव रखी गई और आज समिति के गौ सेवा से प्रभावित होकर नगर सहित आसपास के 80 युवा सदस्य इस समिति से जुड़ चुके है। समिति के सदस्य निरंतर गौसेवा के विचार के साथ आगे बढ़ रहे है। जैसा कि भास्कर को समिति के सदस्य जय तंबोली ने बताया।


