महाकुंभ के लिए रेलवे की तैयारी अंतिम दौर में हैं। लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत और सुविधाजनक यात्रा के लिए रेलवे ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं। प्रमुख स्नान पर्वों के दिन करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसको लेकर प्रयागराज रेल मंडल के सभी स्टेशनों पर एंट्री और एक्जिट के प्लान तैयार किया गया है। स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं को अफरा-तफरी और समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए एंट्री और एग्जिट के अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। रेलवे ने यात्रियों के लिए कलर कोडिंग भी की है। यात्री आश्रय स्थल के कलर, टिकट के कलर और रूट आदि को रेलवे ने फाइनल कर दिया है। रूट, शहर के यात्री कहां जाएं ? किस प्लेटफार्म पर उनकी ट्रेनें होंगी ? यह पहले से तय है। महाकुंभ में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसमें से करीब 10 करोड़ श्रद्धालु ट्रेन से प्रयागराज पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर प्रयागराज रेल मंडल की महाकुंभ के दौरान 3,000 मेला स्पेशल ट्रेनों के साथ लगभग 13,000 ट्रेनें चलाने की योजना है। मुख्य स्नान पर्वों के दिन ऐसे होगी एंट्री और निकास की व्यवस्था मिलेंगे रंगीन टिकट, रेल कर्मियों की जैकेट पर लगे क्यूआर कोड से होंगे बुक प्रयागराज रेलवे मंडल श्रद्धालुओं को डिजिटल सुविधाएं भी देगा। श्रद्धालु रेल कर्मियों की जैकेट पर लगे क्यूआर कोड से टिकट बुक कर सकेंगे। इससे श्रद्धालुओं को लंबी कतरों में नहीं लगना होगा। उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया- महाकुंभ के दौरान, रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मी प्रयागराज जंक्शन पर हरे रंग की जैकेट पहन कर विशेष ड्यूटी पर तैनात होंगे। इन जैकेट पर एक क्यूआर कोड अंकित होगा, जिसे श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन से स्कैन कर यूटीएस मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकेंगे। 45 दिनों के महाकुंभ में 26 दिन यात्रियों को रंगीन जनरल टिकट मिलेंगे। इसके लिए संगम नगरी के आठ रेलवे स्टेशनों पर कलर कोडिंग की व्यवस्था की गई है। इसके तहत जिस रंग का टिकट होगा, उस रंग के लिए एक दिशा तय की गई है। जिस रंग का टिकट होगा, उसी के हिसाब से श्रद्धालुओं को प्लेटफार्म और आश्रय स्थल भेजा जाएगा। प्रयागराज जंक्शन पर कलर कोडिंग आधारित यात्री आश्रय नैनी रेलवे स्टेशन की कलर कोडिंग व्यवस्था प्रयागराज छिवकी पर कलर कोडिंग ये हैं प्रमुख स्नान पर्व ……………………………………. ये खबर भी पढ़ें- महाकुंभ में 1.11 लाख किराए वाला डोम होटल, VIDEO:176 लग्जरी कॉटेज भी बनाए जा रहे, इनमें एसी-गीजर की सुविधा महाकुंभ में यमुना तट पर डोम सिटी बनाई गई है। इसे दो महीने के लिए 50 करोड़ रुपए खर्च करके तैयार किया गया है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यहां से श्रद्धालु दिन में सन बाथ और रात में खुले आसमान तारों का नजारा देख सकते हैं। अनुभव किसी हिल स्टेशन से महाकुंभ मेला को देखने जैसा होगा। डोम सिटी में 176 लग्जरी कॉटेज भी बनाए जा रहे हैं, जहां ठहरने की सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। हर कॉटेज में एसी, गीजर और सात्विक आहार की व्यवस्था की जाएगी। डोम का किराया स्नान पर्व के दिन 1 लाख 10 हजार और सामान्य दिनों के लिए 81 हजार रखा गया है। डोम की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर


