कोटपूतली में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण ने गुरुवार को नगर परिषद कार्यालय परिसर में महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर स्वच्छता पखवाड़े के समापन पर पांच सफाईकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। सहारण सहित नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों ने गांधीजी और शास्त्रीजी की तस्वीरों पर सूत की माला चढ़ाई और दीप प्रज्वलित किया। परिसर में आयोजित राम धुन कार्यक्रम में ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ और ‘रघुपति राघव राजा राम’ का श्रवण किया गया। सभी ने महापुरुषों के विचारों को अपनाकर देश की उन्नति में भागीदार बनने का संकल्प लिया। युवाओं को सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की सलाह अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने अपने संबोधन में कहा कि गांधीजी के सत्य और अहिंसा के आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए, जिससे आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारा बना रहे। उन्होंने युवा पीढ़ी से महात्माओं के जीवन सिद्धांतों और आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। सफाईकर्मी सम्मानित इस मौके पर 17 सितंबर से चल रहे स्वच्छता पखवाड़े के समापन पर नगर परिषद के सफाईकर्मी लालचंद हरिजन, बंशीधर वाल्मीकि, मनोज कुमार वाल्मीकि, रिंकू वाल्मीकि और जितेंद्र कुमार को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सहारण ने उनके कार्य की सराहना करते हुए कहा कि सफाईकर्मी स्वच्छता अभियान की रीढ़ हैं और शहर को स्वच्छ रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। एडीएम ने स्वच्छता का महत्व बताया एडीएम ने गांधीजी के स्वच्छता संबंधी विचारों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा- महात्मा गांधी ने देश में अस्पृश्यता उन्मूलन के साथ-साथ जनमानस को सफाई का महत्व भी समझाया था। गांधीजी मानते थे कि स्वच्छता आजादी से ज्यादा जरूरी है और उन्होंने इसे गांधीवादी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाया। उनका सपना सभी के लिए संपूर्ण स्वच्छता का था, क्योंकि शारीरिक तंदुरुस्ती और स्वस्थ वातावरण के लिए सफाई सबसे आवश्यक है। इस दौरान राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया। गांधी और शास्त्री जी के सिद्धांतों को अपनाकर हम एक बेहतर व्यक्ति बन सकते हैं।


