जिला मुख्यालय के ग्राम चिंगरौद में रेत माफियाओं ने दिन दहाड़े नदी से रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। लाफिनखुर्द घाट स्वीकृत है, लेकिन चिंगरौद से उत्खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। खनिज विभाग के अफसरों के डर और सुस्ती ने माफियाओं के हौसले बुलंद कर दिए हैं। जो खुलेआम नदी में जेसीबी मशीन उतार नदी का सीना चिरकर रेत निकाल रहे हैं। चिंगरौद स्थित सूखा और महानदी के तट पर पिछले एक महीने से अवैध उत्खनन का खेल जारी है। यहां से रोजाना 100 से अधिक ट्रैक्टर और 50 से ज्यादा हाइवा बिना किसी अनुमति के रेत ढो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि लीज लाफिन खुर्द ग्राम के नाम पर है, लेकिन माफिया अपनी सुविधा के लिए चिंगरौद घाट से उत्खनन कर रहे हैं। रेत माफिया ने बकायादा नदी में अवैध रूप से रैंप (कच्चा रास्ता) बना लिया है। यहीं से हाइवा को निकाला जाता है। जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई। सड़कें हो गईं खस्ताहाल जनजीवन हुआ बेहाल भारी वाहनों की आवाजाही से बम्हनी-बेलसोंडा और चिंगरौद की सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं। करीब 3 किलोमीटर का रास्ता चलने लायक नहीं बचा है। पूर्व उपसरपंच हरिराम यादव ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि इस अवैध कारोबार पर तुरंत रोक लगाई जाए। इसके चलते लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। टीम को भेजकर की जाएगी कार्रवाई : नागेश जिला खनिज अधिकारी फागूलाल नागेश ने कहा कि चिंगरौद के घाट से अवैध उत्खनन कर परिवहन करते पाए जाने पर कार्रवाई की गई थी। आपके माध्यम से जानकारी मिल रही टीम को भेजकर अवैध उत्खनन परिवहन पर रोक लगाने को लेकर कार्रवाई की जाएगी। ग्राम बम्हनी निवासी मोनेश यादव ने बताया कि अवैध रेत परिवहन कर रहे हाइवा के चपेट में आने से बीते दिनों उसके पालतु कुत्ते की मौत हो गई। हाइवा चालक से पीट पास की जानकारी मांगने पर चालक ने ग्राम चिंगरौद के गुलशन यादव पिता हेमलाल यादव को बुलाया। गुलशन ने उनसे गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत पुलिस से की गई है।


