रामानुजगंज से 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम महावीरगंज का करिया माटी जलाशय जल संकट का सामना कर रहा है। 1978 में निर्मित यह जलाशय क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान साबित हुआ था। जलाशय से लगभग 500 एकड़ भूमि की सिंचाई होती थी। वर्तमान में जलाशय का गेट खराब हो चुका है। इस कारण बरसात के मौसम में भी जलाशय में पानी का भराव नहीं हो पा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया। लेकिन विभाग ने गेट की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया। गेट की खराबी से खेती हो रही प्रभावित पूर्व सरपंच प्रत्याशी अमृत सिंह ने बताया कि जलाशय सैकड़ों किसानों की आजीविका का स्रोत है। पूर्व उप सरपंच समीउल्लाह अंसारी के अनुसार, करिया माटी बांध महावीरगंज का एकमात्र जलाशय है। गेट की खराबी से न केवल खेती प्रभावित हो रही है, बल्कि मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था भी मुश्किल हो सकती है। यदि विभाग ने जल्द ही गेट की मरम्मत नहीं कराई, तो आने वाले समय में जलाशय की स्थिति और भी खराब हो सकती है। इससे पूरे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था प्रभावित होगी।


