छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अवैध रेत खनन का मामला सामने आया है। एसडीएम के 11 पंचायतों को नोटिस जारी करने के बावजूद चिंगरौद में अवैध रेत खनन जारी है। जहां शुक्रवार को खनिज, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। एक चैन माउंटेन मशीन और एक हाईवा को जब्त किया गया। एसडीएम हरिशंकर पैंकरा ने गुरुवार को बरबसपुर, कनेकेरा, गढ़सिवनी, अछोला, लहंगर, पीढ़ी, अमलोर, चुहरी, सिरपुर, चिंगरौद और पासिद के सरपंचों को नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा गया था कि उनकी पंचायतों में नदी-नालों से अवैध रेत खनन हो रहा है। चैन माउंटेन मशीन और हाईवा जब्त छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 और गौण खनिज नियम 1996 के तहत ग्राम पंचायतों में स्थित शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पंचायत की है। पंचायतों की लापरवाही से शासकीय राजस्व को नुकसान हो रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर शुक्रवार सुबह की गई छापेमारी में चिंगरौद रेत घाट से एक चैन माउंटेन मशीन और एक हाईवा जब्त किया गया। दोनों वाहनों को सिटी कोतवाली के सुपुर्द कर खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। बरसात से पहले रेत भंडारण शुरू उत्खनन के बाद अब महानदी के दोनों ओर नदी के किनारे के गांवों में रेत का अवैध भंडारण शुरू हो गया है। जिस पर अब तक विभाग की निगाह नहीं है और न ही अब तक कोई कार्रवाई की जा सकी है। बता दें कि बारिश के दिनों में महंगे दामों पर बेचने माफियाओं ने भारी मात्रा में रेत का भंडारण करना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार हाल ही में गढ़सिवनी में हुए निर्बाध अवैध उत्खनन से निकाली गई रेत मोहकम के आसपास डंप की गई है। लेकिन, ग्रामीणों द्वारा खनिज विभाग में की गई शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।


