छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आई हैं। बुधवार को छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ 13 सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष सरोज चंद्राकर ने बताया कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। मध्य प्रदेश की तरह साल 10 प्रतिशत मानदेय में वृद्धि की जाए। पर्यवेक्षक भर्ती की मांग भी कार्यकर्ताओं की अन्य मांगों में पर्यवेक्षक भर्ती की मांग शामिल है। आयु सीमा हटाकर 50 प्रतिशत पदोन्नति की मांग की गई है। सहायिकाओं के लिए शत-प्रतिशत पदोन्नति की मांग है। पोषण ट्रैकर ऐप के लिए 5जी मोबाइल और इंटरनेट खर्च की मांग की गई है। सेवा समाप्ति पर 10 लाख देने की डिमांड इसके अलावा कार्यकर्ताओं का मानदेय न काटने और ऑफलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की मांग भी की गई है। सेवा समाप्ति पर 10 लाख रुपए देने की मांग है। गंभीर बीमारी में मेडिकल छुट्टी के साथ मानदेय की मांग की गई है। छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण की सुविधा और ईंधन राशि समय पर देने की मांग है। सभी केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण सिलेंडर और चूल्हा उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है।


