महासमुंद में सरकारी जमीन से हटाया गया अवैध कब्जा:कलेक्टर के आदेश पर वन विद्यालय की जमीन पर बनी 4 दुकानें तोड़ी गई

छत्तीसगढ़ के महासमुंद में वन विद्यालय की सरकारी जमीन पर बनी अवैध दुकानों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर राजस्व विभाग ने यह कार्रवाई की। गौरव पथ स्थित वन विद्यालय के पास खसरा नंबर 102/5 की बेशकीमती जमीन को भू माफिया ने पटवारी से मिलीभगत कर खसरा नंबर 102/4 बताकर खरीदा था। भू माफिया कृष्ण कुमार साहू, शिक्षाकर्मी विकास कुमार साहू, पटवारी अरविंद चंद्राकर की पत्नी भूमिका चंद्राकर और शिक्षिका भारती चंद्राकर ने इस जमीन को उषा देवांगन से मात्र 40 लाख रुपए में खरीदा था। कलेक्टर ने दिए कार्रवाई के आदेश इस जमीन पर चार दुकानों का अवैध निर्माण किया गया। दैनिक भास्कर द्वारा मामले का खुलासा करने के बाद कलेक्टर ने कार्रवाई के आदेश दिए। तत्कालीन तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू ने कार्रवाई की बजाय आरोपियों को राजस्व कोर्ट में वाद दायर करने का सुझाव दिया। कलेक्टर ने कार्रवाई में देरी पर तहसीलदार को फटकार लगाई। इसके बाद तहसीलदार का बसना ट्रांसफर कर दिया गया। तीन महीने से अधिक समय तक जमीन खरीददार कोई पुख्ता दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। अंततः प्रशासन ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। जेसीबी मशीन से चारों दुकान ध्वस्त इसके बाद राजस्व विभाग ने आज अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया। सुबह से तहसीलदार जुगल किशोर पटेल, नायब तहसीलदार मोहित अमिला, राजस्व निरीक्षक मनीष श्रीवास्तव और पटवारी खम्मनलाल साहू समेत वन अमला की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से चारों दुकानों को ध्वस्त किया गया।

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