भांकरोटा में एलपीजी टैंकर हादसा वाला डीपीएस कट बंद करने की एनएचएआई और ट्रैफिक पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। शुक्रवार से अजमेर की तरफ से आने वाले वाहनाें काे काेटा-टाेंक और आगरा जाने के लिए महिंद्रा सेज फ्लाईओवर से रिंग रोड पर ट्रायल के ताैर पर शिफ्ट किया है। सफल ट्रायल के बाद शनिवार काे डीपीएस कट बंद कर दिया जाएगा। कट बंद हाेने पर रिंग राेड पर जाने वाले सभी वाहनाें काे महेंद्रा सेज फ्लाईओवर से गुजरना हाेगा। इसे लेकर पांच दिन से एनएचएआई की ओर से महेंद्र सेज फ्लाईओवर से लेकर रिंग रोड तक साइनेज बोर्ड लगाने, सड़क की मरम्मत करने और साफ-सफाई का काम चल रहा था, जाे शुक्रवार सुबह पूरा हाे गया। दाेपहर बाद वाहनाें काे नए रूट पर शिफ्ट कर दिया गया। महिंद्रा सेज फ्लाईओवर के नीचे नई सड़क बनाई गई है। फ्लाईओवर से दाे किमी पहले हाइवेज पर जगह-जगह डीपीएस कट बंद और रिंग राेड, काेटा, टाेंक और आगरा के लिए इस तरफ मुड़ें के संकेत लगाए गए हैं। फ्लाईओवर पर बड़ा साइनेज बोर्ड लगाया गया है। इसमें दिल्ली जाने वाले वाहनों को सीधा जयपुर की तरफ जाने का एरो बनाया गया है। वहीं टोंक-कोटा और आगरा रोड जाने वाले वाहनों के लिए दायीं तरफ जाने का एरो दिया गया है। इसके साथ ही डीपीएस कट को बंद करने की सूचना भी दी गई है। कमेटी ने लिया था कट बंद करने का निर्णय डीपीएस कट पर हुए हादसा के बाद सरकार की ओर से वाहनों को रिंग रोड पर शिफ्ट करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी में एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, ट्रैफिक पुलिस और जेडीए के अधिकारी शामिल थे। टीम की ओर से सभी वैकल्पिक रास्तों का सर्वे किया। इसके बाद महेंद्रा सेज फ्लाइओवर से वाहनों को रिंग रोड पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया। 20 दिसंबर को हुआ था हादसा, 20 लोगों की हुई थी मौत
भांकरोटा इलाके में स्थित डीपीएस कट पर 20 दिसंबर की सुबह रिंग रोड के लिए घूम रहे एलपीजी टैंकर को जयपुर की तरफ से जा रहे कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में लगी आग के कारण करीब 40 से ज्यादा लोग झुलस गए थे, जिनमें करीब 20 जनों की मौत हो चुकी। कुछ घायल अभी तक भी एसएमएस अस्पताल इलाज चल रहा है। इस रूट से जाएंगे आगरा टोंक-कोटा जाने वाले वाहन
कोटा-टोंक और आगरा जाने वाले वाहन महिंद्रा सेज फ्लाईओवर से महिंद्रा सेज चौराहा, बंबोरिया, कलवाड़ा चौराहा और नेवटा होते हुए रिंग रोड पर जाएंगे। इन्हें रिंग रोड का अंडरपास क्राॅस करना होगा। इसके बाद दायीं तरफ मुड़ना होगा। 200 मीटर आगे चलने के बाद पेट्रोल पंप के पास से रिंग रोड पर चढ़ना हाेगा। 13 किमी के इस रूट पर लोगों की सुविधा के लिए लिए हर आधा किमी पर साइन बोर्ड लगाए हैं। हर दिन टर्न लेते हैं एक लाख वाहन अजमेर से जयपुर आने वाले वाहनों की संख्या हर दिन करीब 1 लाख होती है। इसमें से करीब 20 हजार वाहन कोटा, टोंक और आगरा रोड के लिए जाते हैं। इन वाहनों को महिंद्रा सेज फ्लाइओवर से रिंग रोड पर भेजा जाएगा। यानी हर दिन महिंद्रा सेज वाली राेड से लगभग 20 हजार वाहन गुजरेंगे। महिंद्रा सेज से रिंग रोड जाने से चूके ताे 13 किमी का लगाना पड़ेगा चक्कर
भांकरोटा स्थित डीपीएस कट बंद हाेने के बाद रिंग राेड पर जाने वाला वाहन अगर महिंद्रा सेज फ्लाईओवर से टर्न लेना भूल गया ताे 13 किमी का चक्कर लगाना पडेगा। वहां से निकलने के बाद अजमेर राेड हीरापुरा चौराहा़ से वापस रिंग राेड के लिए जाना हाेगा, क्याेंकि इसके बाद बीच में काेई कट नहीं है। कमला नेहरू नगर पुलिया के नीचे बने अंडरपास से भारी वाहन यू टर्न नहीं हाे सकते। महिंद्रा सेज से डीपीएस कट की दूरी 3 किमी है। डीपीएस कट से हीरापुरा 200 फीट चौराहा की दूरी करीब 5 किमी है। क्लोअर लीफ बनने का समय दिसंबर-25 तक, मई तक पूरा हो जाएगा काम
डीपीएस कट के बाद क्लोअर लीफ बनाई जा रही है। टेंडर के मुताबिक क्लोअर लीफ बनने का समय दिसंबर 2025 का दिया हुआ है, लेकिन डीपीएस हादसे के बाद तेजी से काम चल रहा है। एनएचएआई अधिकारियों ने अब ठेकेदार को पहले अजमेर रोड से रिंग रोड पर जाने वाले वाहनों वाली लेन को बनाने के निर्देश दिए हैं। यह काम अप्रैल-मई तक पूरा होने की संभावना है। क्लोअर लीफ बनने का समय दिसंबर-25 तक, मई तक पूरा हो जाएगा काम
डीपीएस कट के बाद क्लोअर लीफ बनाई जा रही है। टेंडर के मुताबिक क्लोअर लीफ बनने का समय दिसंबर 2025 का दिया हुआ है, लेकिन डीपीएस हादसे के बाद तेजी से काम चल रहा है। एनएचएआई अधिकारियों ने अब ठेकेदार को पहले अजमेर रोड से रिंग रोड पर जाने वाले वाहनों वाली लेन को बनाने के निर्देश दिए हैं। यह काम अप्रैल-मई तक पूरा होने की संभावना है।


