जोधपुर में जय नारायण व्यास स्मृति टाउन हॉल भवन में राजस्थान संगीत नाटक अकादमी और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंग मंडल की ओर से नाट्य महोत्सव चल रहा है। तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव का आज अंतिम दिन है। शनिवार को दूसरे दिन माई री मैं का से कहूं नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक के माध्यम से समाज में महिलाओं के अधिकार के बारे में बताया गया। वहीं भूत की कहानी ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। विजय दान देथा की कहानी पहेली पर आधारित इस नाटक का निर्देशन अजय कुमार ने किया। नाटक के माध्यम से जन्म से लेकर विवाह तक महिलाओं के अधिकार के बारे में बताया गया। जिसमें शादी से पहले तक माता-पिता के पास होते हैं और विवाह के बाद उनके पति और बच्चों के पास। नाटक के माध्यम से बताया गया कि समाज में भी महिलाएं अपने स्वयं के चुनाव करने की स्वतंत्रता से वंचित क्यों है। कलाकारों ने नाटक के माध्यम से महिलाओं को अपने लिए सोचने और फैसले लेने की आजादी पर सवाल उठाए। नाट्य महोत्सव में शामिल होने वाले कलाकारों के प्रस्तुति ने मन मोह लिया उन्होंने अलग-अलग वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुति थी जिसमें करीब 25 कलाकार और आठ म्यूजिशियन शामिल रहे।


