ग्वालियर के जिला सत्र न्यायालय ने एक महिला की नाक काटने के आरोपी जीतू रजक की जमानत याचिका सोमवार को खारिका कर दी। आरोपी ने बचाव में दलील दी थी कि उसे महिला द्वारा झूठे मामले में फंसाया गया है। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्य देखने के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया। यह मामला 10 नवंबर 2025 को ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाने में दर्ज किया गया था। महलगांव क्षेत्र की नई बस्ती निवासी पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया था कि जब वह घर के पास कचरा डालने गई थी, तभी पड़ोसी जीतू रजक ने पुरानी रंजिश के चलते उसके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की। आरोप है कि रजक ने धारदार हथियार से महिला की नाक काट दी। इस गंभीर हमले के बाद पुलिस ने जीतू रजक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। वकील ने बताया- मामला झूठा है सुनवाई के दौरान, आरोपी जीतू रजक ने अपने वकील के माध्यम से जमानत याचिका दायर की। वकील ने तर्क दिया कि यह पूरा मामला झूठा है और शिकायतकर्ता महिला आरोपी को फंसाने की साजिश कर रही है। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी और महिला के बीच प्रेम संबंध थे, और महिला इसी आधार पर आरोपी को ब्लैकमेल कर रही थी। वकील के अनुसार, महिला ने आरोपी से दो से तीन लाख रुपए भी ऐंठे थे। जब आरोपी ने और पैसे देने से इनकार किया, तो महिला ने खुद को चोट पहुंचाकर उसे फँसा दिया। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि आरोपी की मां विधवा हैं और जीतू रजक ही उनका एकमात्र सहारा है। इस मानवीय आधार पर भी जमानत देने का अनुरोध किया गया। कोर्ट ने याचिका को खारिज किया हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, सभी साक्ष्यों की समीक्षा करने और घटना की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इस चरण में आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती है।


