भास्कर न्यूज|गुमला झारखंड सरकार द्वारा राज्य के कई जिलों में महिला महाविद्यालय मॉडल कॉलेज का निर्माण कराया गया है। इस दौरान गुमला महिला महाविद्यालय की भी स्थापना की गई। जिसमें दो वर्ष पूर्व गुमला में भी महिला महाविद्यालय का भवन बनकर तैयार हुआ और महाविद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया शुरु हुई। प्रथम सत्र में 30 छात्राओं का नामांकन हुआ और दूसरे वर्ष में 248 छात्रों का नामांकन हुआ। वर्तमान में 278 छात्राएं महाविद्यालय में अध्ययनरत हैं। जिसमें वाणिज्य, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, हिंदी, अंग्रेजी, नागपुरी व संस्कृत विषयों पर कॉलेज में नामांकन लिया जाता है। लेकिन सरकार ने मात्र एक स्थाई प्राचार्या, एक तृतीय वर्ग कर्मचारी और तीन चतुर्थ वर्ग कर्मी को दैनिक मजदूरी पर रखकर छोड़ दिया है। इन्हीं के भरोसे 278 छात्राओं का यह महिला कॉलेज चल रहा है। कॉलेज की प्राचार्या डॉक्टर सीमा नंद से शिक्षकों व अन्य विषयों में वार्ता हुई। उन्होंने बताया कि समय निकालकर मैं ही बच्चों को सारे विषय पढ़ाती हूं। लेकिन इससे छात्राओं का सिलेबस पूरा नहीं हो पाता। मेरे द्वारा कई बार रांची विश्वविद्यालय के कुलपति को शिक्षकों-प्राध्यापको ं की बहाली के लिए पत्राचार किया गया। लेकिन अभी तक आश्वासन ही मिला है। जितने भी विषयों में नामांकन होती है, उन विषयों के शिक्षकों के पद सृजित हैं। प्रत्येक विषय मंव दो से तीन शिक्षक प्राध्यापक की नियुक्ति होनी चाहिए थी। सरकार के द्वारा अभी तक नियुक्ति नहीं की गई।


