बांसवाड़ा| बागीदौरा क्षेत्र के जांबुड़ी पीपलोद में शनिवार को 20 वर्षीय सीमा लकड़ियां लेने गई थी। उस दौरान उसे सांप ने काट लिया। बेसुध हालत में परिजन सीमा को बागीदौरा अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए बांसवाड़ा एमजी अस्पताल रेफर कर दिया। शाम साढ़े पांच बजे जिसे 108 एंबुलेंस से सीमा को बांसवाड़ा भेजा, वह पूरी तरह से जर्जर थी। एंबुलेंस में ऑक्सीजन की सुविधा नहीं थी। ड्रिप चढ़ाने का स्टैंड नहीं था। जिस वजह से परिजन पूरे रास्ते में हाथ में ड्रिप पकड़कर बैठे रहे। एंबुलेंस का पिछला गेट भी ठीक से बंद नहीं हो रहा था। बागीदौरा से बांसवाड़ा की 30 किमी दूरी तय करने में एक घंटा लगा। रास्ते में दो तीन बार सीमा की हालत बिगड़ी तो परिजनों ने ईएनटी स्टाफ से ऑक्सीजन लगाने को कहा, लेकिन एंबुलेंस में ऑक्सीजन की सुविधा तक नहीं थी। हालांकि एमजी अस्पताल पहुंचने पर सीमा का इलाज किया तब जाकर परिजनों ने राहत की सांस ली। सरकारी एंबुलेंसों की बदहाल स्थिति को देखते हुए मेंटीनेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। एम्बुलेंस के अंदर ड्रिप को हाथ में पकड़कर लाता मरीज का परिजन।


