भास्कर न्यूज | बालोद जिला उपभोक्ता आयोग ने बैंक प्रबंधन, इंश्योरेंस कंपनी को 45 दिन में परिवादी को बीमा क्षतिपूर्ति राशि दो लाख, मानसिक पीड़ा 15 हजार एवं वाद व्यय 5 हजार एवं परिवाद प्रस्तुति दिनांक से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज राशि भुगतान करने आदेश दिया है। जिला उपभोक्ता आयोग सदस्य इन्दर चन्द्र राकेचा के अनुसार उमरादाह निवासी होमेश्वरी ने बैंक एवं इंडिया फर्स्ट लाईफ इंश्योरेंस कंपनी के विरूद्व परिवाद पेश कर जानकारी दी कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा में पति ढालेश्वर का बचत खाता था। जिसके माध्यम से पॉलिसी खरीदा था। प्रीमियम का भुगतान 26 मई 2021 को हुआ था। खाते में होमेश्वरी नॉमिनी है। 30 जनवरी 2022 को ढालेश्वर टेकाम की मौत हुई थी। मृत्यु दावा राशि प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज पेश किया गया। दोबारा मांगने पर दो से तीन बार आवश्यक दस्तावेज पेश किया गया। दावा सूचना एवं दस्तावेज के अभाव में बीमा दावा का निराकरण नही किया गया है। ऐसी जानकारी दूसरे पक्ष की ओर से दी गई। 26 मई 2021 को प्रीमियत राशि 330 रुपए कटौती करने का उल्लेख किया गया है। परिवादी की ओर से दावा संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराना बैक की सेवा में कमी को दर्शाता है। बैंक का दायित्व था कि जल्द बीमा दावा संबंधित कार्यवाही पूरी करता। बैंक की ओर से बीमाधारक का बीमा दावा प्रपत्र प्रेषित नहीं करने से क्षति पूर्ति राशि नहीं मिल पाया। जो बैंक की लापरवाही को दर्शाता है।


