महिला दिवस…भारी मशीनों के संचालन में भी आगे है महिलाएं:हाइड्रोलिक सिस्टम, टाई रॉड और ट्रांसमिशन क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन; गेवरा वर्कशॉप में होंगी शामिल

कोरबा की SECL केंद्रीय उत्खनन कर्मशाला (सीईडब्ल्यूएस) गेवरा में महिला कर्मचारियों ने अपनी तकनीकी दक्षता का लोहा मनवाया है। एशिया की सबसे बड़ी वर्कशॉप में शामिल इस केंद्र में कुल 215 कर्मचारियों में से 67 महिलाएं कार्यरत हैं। वर्कशॉप के महाप्रबंधक एम.के. शर्मा के मुताबिक, यहां की महिलाएं ड्रिल मशीन, लेथ मशीन, शेपर मशीन और आर्टिकल मशीन का कुशल संचालन कर रही हैं। विशेष बात यह है कि 355 डोजर और 3000 हॉर्स पावर के इंजन की मरम्मत का कार्य पूरी तरह से महिला कर्मचारी करती हैं। हाइड्रोलिक सिस्टम की मरम्मत, टाई रॉड और ट्रांसमिशन क्षेत्र में भी उनका प्रदर्शन उत्कृष्ट है। ‘बिप्स’ कार्यक्रम में 17 महिलाएं भाग लेंगी महिला कर्मचारियों की अनुशासन प्रियता और सुरक्षा मानकों का पालन उन्हें विशेष बनाता है। उनकी मेहनत देश के ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती प्रदान कर रही है। कार्मिक प्रबंधक शैलेंद्र पाराशर ने बताया कि 8 मार्च 2025 को बिलासपुर मुख्यालय में ‘बिप्स’ कार्यक्रम में गेवरा वर्कशॉप की 17 महिलाएं भाग लेंगी। 16 मार्च को गेवरा वर्कशॉप में विशेष सम्मान समारोह होगा। ’18 किमी पैदल चलकर काम पर आती है’ वेल्डर बिंदिया महंत रोज 18 किमी दूर घना कछार बांकी से आती हैं। उन्हें 2024 में बिलासपुर मुख्यालय में बेस्ट महिला कर्मचारी का पुरस्कार मिला। वहीं, टर्नर आकांक्षा टोप्पो को पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली। परिवार की जिम्मेदारियों ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

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