महिला ने कराई सोनोग्राफी:गर्भपात में भी ठगी; सोनोग्राफी रिपोर्ट में दिखाया पांच सप्ताह का फर्जी गर्भ, गिराने के 10 हजार रुपए मांगे

दलाल, साेनाेग्राफी सेंटर और निजी अस्पताल की पूरी चैन है, जाे सिर्फ पैसे कमाने के लिए अवैध गर्भपात और फर्जी तरीके से साेनाेग्राफी कर रहे हैं। गर्भ में बच्चा कितने माह का है, इससे भी काेई फर्क नहीं पड़ता। यहां न डाॅक्टर की रिपाेर्ट देखी जाती है और न यहां गर्भपात के कानून चलते हैं। प्रेगनेंसी नहीं है तो भी फर्जी तरीके से गर्भ दिखाकर सोनोग्राफी रिपोर्ट बनाई जा रही है। भास्कर ने दाे माह तक स्टाेरी पर काम कर इसे पूरे गिराेह काे एक्सपाेज किया। महिला रिपाेर्टर और रिपाेर्टर मांडल के हरिपुरा चाैराहे पर क्लिनिक चलाने वाले दलाल सुरेशकुमार लवानिया के पास पहुंचे। सिर्फ हाथ लगाकर चार माह का गर्भ बता दिया। फिर एक कागज पर भारद्वाज साेनाेग्राफी सेंटर का पता लिखा और कहा-वहां चले जाओ। वहां साेनाेग्राफी कराई। रिपाेर्ट देखकर महिला रिपाेर्टर भी चाैंक गई। उसमें 5 सप्ताह 2 दिन का गर्भ दिखा दिया। जबकि काेई गर्भ नहीं था। लेकिन सच्चाई दिखाने के लिए महात्मा गांधी अस्पताल से साेनाेग्राफी भी करवाई, जिसमें कुछ नहीं आया। हमने कुछ वक्त लिया ताकि संदेह न हाे। लेकिन दलाल लगातार संपर्क में रहा। एक माह बाद बात की ताे कहा गर्भपात के 10 हजार रुपए लगेंगे। देने काे तैयार हाेने पर वह अपनी वैन में चित्ताैड़गढ़ में राजस्थान हाॅस्पिटल ले गया। यहां और भी चाैंकाने वाला था। न कही एंट्री दिखाई और न रजिस्ट्रेशन किया। माेबाइल पर रिपाेर्ट देख ही उसने स्टाफ काे गर्भ गिराने के लिए कह दिया। रिपाेर्टर ने बहाना किया ताे दबाव बनाया कि करवाना ही हाेगा, हमारा ताे राेज का काम है। फिर आने की बात कहकर वहां से जैसे-तैस निकले। यहां गर्भपात के कानून नहीं चलते, दावा आठ माह का गर्भ भी गिरा देंगे सरकारी रिपोर्ट सोनोग्राफी में कुछ भी नहीं आया
9 दिन बाद यह सोनोग्राफी जांच महात्मा गांधी हॉस्पिटल में करवाई गई। जिसमें प्रेग्नेंसी नहीं थी। सोनोलॉजिस्ट ने बताया कि पिछले कई महीनों से गर्भ होने के भी कोई संकेत नहीं है। निजी सेंटर की रिपोर्ट में 5 सप्ताह का गर्भ बताया
यह सोनोग्राफी मांडल के दलाल द्वारा भेजे गए सीतारामजी की बावड़ी स्थित भारद्वाज सोनोग्राफी पर करवाई गई। जिसमें 5 हफ्ते और दो दिन की प्रेग्नेंसी बताई गई। 20 सप्ताह तक ही सामान्य गर्भपात, 4 माह के बाद नहीं करा सकते 20 सप्ताह तक के गर्भधारण के लिए एक डॉक्टर की सलाह के आधार पर गर्भपात कराया जा सकता है। 20 से 24 सप्ताह के बीच गर्भपात के लिए दो डॉक्टरों की राय की आवश्यकता होती है। लेकिन इसमें कारण बेहद जरूरी है। जैसे दुष्कर्म, विधवा, तलाक होने के समय के दौरान की गर्भावस्था, शारीरिक-मानसिक विकलांगता,भ्रूण की विकृति, मां की जान को खतरा जैसी स्थितियों में गर्भावस्था वाली महिलाओं का गर्भपात कराया जा सकता है। दलाल बाेला: भीलवाड़ा में रिस्क है, चित्ताैड़गढ़ में निस्तारण हाे जाएगा मांडल के पास अवैध रूप से तीन-चार दलाल सक्रिय हैं। ये गर्भपात करवाने के बदले 8 से 10 हजार रुपए वसूलते हैं। भीलवाड़ा में भी इनके केंद्र हैं। दलाल सुरेशकुमार ने रिपाेर्टर से कहा कि गर्भपात चाहे 5 हाे या 8 महीने का, सब हाे जाएगा। भीलवाड़ा के अस्पतालाें में भी करवा सकते हैं, लेकिन यहां रिस्क ज्यादा है और खर्चा भी 10 हजार से ज्यादा आएगा। चित्ताैड़गढ़ में 6-7 हजार रुपए में और आसानी से काम हाे जाएगा। बच्चा मृत निकला ताे भी निस्तारण हाे जाएगा। न रजिस्ट्रेशन, सीधे ओटी में ले गए डाॅ. हुसैन बाेले-हमारा राेज का काम है राजस्थान हाॅस्पिटल के संचालक डाॅ. कामिल हुसैन ने दाे माह पुरानी साेनाेग्राफी रिपाेर्ट देखी और फिर कहा कि हाथाें-हाथ गर्भपात हाे जाएगा। घंटे-डेढ़ घंटे में डिस्चार्ज भी कर देंगे। हमारा रोज का काम है। बिना रजिस्ट्रेशन स्टाफ काे बुलाकर ऑपरेशन थियेटर में ले गए। एनेस्थिसिया देकर बेहाेश करने लगे। रिपाेर्टर ने बीपी बढ़ने और नर्वस हाेने की बात कही। इस पर डाॅक्टर ने साथी रिपाेर्टर काे ओटी से बाहर निकाल दिया। जबरन गर्भपात का दबाव बनाया। रिपाेर्टर किसी तरह वहां से बाहर आई।

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