टोंक में दुष्कर्म के प्रयास के 8 साल पुराने मामले में SC-ST कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया। न्यायाधीश आरती माहेश्वरी ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास और 61 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। मामला वर्ष 2017 का है, जिसमें अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। रात 11 बजे महिला के कमरे में घुसा आरोपी विशिष्ट लोक अभियोजक मेघराज जाट ने बताया- पीड़िता ने 21 अक्टूबर 2017 को पुलिस थाना सदर टोंक में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 20 अक्टूबर 2017 की रात करीब 11 बजे पीड़िता अपने कमरे में दो वर्षीय बच्ची के साथ सो रही थी, जबकि उसका पति पास के दूसरे कमरे में था। इसी दौरान आरोपी चुपचाप उसके कमरे में घुसा और बलात्कार का प्रयास किया। शोर मचाने पर छुड़ाकर भागा आरोपी परिवादिया के जागने पर उसने साहस दिखाते हुए आरोपी को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और जोर-जोर से शोर मचाया। आवाज सुनकर उसका पति मौके पर पहुंचा। इस बीच आरोपी खुद को छुड़ाकर भागने लगा। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी बाइक मकान के बाहर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस जांच के बाद कोर्ट में पेश हुआ चालान घटना के बाद पुलिस थाना सदर टोंक ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी होने पर पुलिस ने जार्चशीट कोर्ट में पेश की। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 13 गवाह, 24 दस्तावेज और 6 आर्टिकल्स प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने और समस्त साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।


