भास्कर न्यूज | गुमला जिले के सुदूरवर्ती व दुर्गम पाट क्षेत्रों में रह रहे लोगों तक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने पहल की है। बिशुनपुर, घाघरा, डुमरी, जारी और चैनपुर प्रखंड अंतर्गत सभी पाट क्षेत्रों में संबंधित आम की सीएचओ, एएनएम, एमपीडब्लू और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को माह में कम से कम एक बार पाट क्षेत्र के गांवों का भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए उपायुक्त ने कर्मियों को निर्देश दिया है। इससे पूर्व जिले के पठारी क्षेत्रों में लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रह जाते थे। ज्यादा तबीयत खराब होने पर प्रखंड मुख्यालय आकर उन्हें इलाज कराना पड़ता था। अब माह में एक बार स्वास्थ्यकर्मी पाठ क्षेत्र में जाकर इलाज करेंगे। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा पाट क्षेत्रों में जाकर ग्रामीणों को सामान्य ओपीडी और दवा वितरण, एएनसी सेवाएं, नियमित टीकाकरण, बीपी व शुगर की जांचकी। बिशुनपुर प्रखंड के हाड़ुप में एएनएम दीप्ति कुजूर, गोरा पहाड़ और सखुआपानी में पुनीत सोरेंग, कठुआपानी में सलोमी सुषमा तिर्की द्वारा सेवाएं प्रदान की गईं। चैनपुर प्रखंड में लिगिरपाठ में शोभा कांति मिंज, भड़ियापाट में नेहा अश्मि लकड़ा द्वारा स्वास्थ्य शिविर का संचालन किया गया। घाघरा प्रखंड के तिलएंखेर में ब्यूटी नील कुसुम तिरु, भीलवाड़ी और खुखुराडी में अनिमा मिंज, चूल्हामाटी में रोशनी टोप्पो ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की। इस दौरान कुल 274 ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांच की गई। पाट क्षेत्र में नहीं जाने वाले कर्मियों पर होगी कार्रवाई : डीसी उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने पाट क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी पाट क्षेत्र में निर्धारित तिथि पर एएनएम अथवा स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित नहीं होते हैं, तो इसकी सूचना तुरंत उपायुक्त के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9431116003 पर साझा करें, ताकि त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। 274 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई, दी दवा


