महेश्वर के सुलगांव में सोमवार को अंतिम संस्कार के दौरान हुए पथराव के बाद अब स्थिति शांत है। प्रशासन ने शांति समिति की बैठक बुलाकर विवाद का हल निकाल लिया है। बैठक में तय हुआ है कि विवादित जमीन पर फिलहाल अंतिम संस्कार नहीं होगा और दोनों पक्षों को अलग-अलग जमीन दी जाएगी। मंगलवार शाम मंडलेश्वर थाने में एसडीएम पूर्वा मंडलोई और एसडीओपी श्वेता शुक्ला की मौजूदगी में दोनों पक्षों की बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हिंदू समाज को श्मशान और मुस्लिम समाज को कब्रिस्तान के लिए अलग-अलग सरकारी जमीन आवंटित की जाएगी। जब तक नई जमीन का आवंटन नहीं हो जाता, तब तक विवादित स्थल पर किसी भी तरह का अंतिम संस्कार करने पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात है और बड़े अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर कोई भी अफवाह फैलाता है या शांति बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। गांव में अब शांति बैठक में दोनों समाजों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए और उन्होंने प्रशासन के फैसले का समर्थन किया है। ग्रामीणों ने भी आपसी भाईचारा बनाए रखने का भरोसा दिया है। फिलहाल गांव में माहौल पूरी तरह नियंत्रण में है।


