मांगलिया के पास रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए रेलवे विभाग ने फाटक बंद तो कर दिया, लेकिन 20 दिन बाद भी यहां निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है। रेलवे की ओर से अब तक केवल पाइलिंग का काम पूरा हुआ है, जबकि पाइल कैप, पियर और पियर कैप निर्माण अभी शुरू भी नहीं हुआ है। रेलवे लाइन के ऊपर 65 मीटर का गर्डर लांच किया जाना है, पर यह तभी संभव होगा, जब बैसिक स्ट्रक्चर पूरा हो। रेलवे फाटक बंद करने से वाहन चालकों को 20 किमी लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक रेलवे वाले हिस्से में देरी का कारण विभाग की लेटलतीफी और अधूरी क्लीयरेंस है। कई महत्वपूर्ण ड्राइंग्स और अनुमतियां अभी जारी ही नहीं की गई हैं, जिससे पूरा काम अटका हुआ है। इधर, लोक निर्माण विभाग की एजेंसी ने अपने हिस्से का काम तेज कर दिया है। फाटक के दोनों तरफ सर्विस रोड और ड्रेन (नाली) बनाने का काम शुरू हो चुका है। कई जगह स्लैब कॉस्ट हो चुकी है और करीब 100 मीटर ड्रेन भी बन चुकी है। एप्रोच रोड का काम भी प्रगति पर है। इसके बावजूद ग्रामीणों और राहगीरों को तब तक राहत नहीं मिलेगी, जब तक रेलवे अपनी ओर का निर्माण आगे नहीं बढ़ाता। दो-दो टोल देने की मजबूरी : फाटक बंद होने से वाहनों को मांगलिया टोल से डकाच्या होकर उज्जैन और सांवेर जाना पड़ रहा है। शहर के भीतर से ही नहीं, बल्कि सुलाखेड़ी, व्यासखेड़ी, तराना जैसे इलाकों से आने-जाने वालों को भी बायपास का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसमें उन्हें दो बार टोल टैक्स देना पड़ रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। पहले भी फाटक बंद किए जाने का विरोध उठा था : यह रेलवे फाटक सांवेर और उज्जैन जाने वालों के लिए महत्वपूर्ण शॉर्टकट है। इससे पहले भी इसे बंद किए जाने पर विरोध हुआ था। जुलाई में रेलवे ने काम के लिए यह फाटक बंद किया था और मुख्य सड़क पर सूचना बोर्ड भी लगाए गए थे, लेकिन इसके बाद पूरा यातायात सिंगापुर टाउनशिप अंडरपास पर आ गया, जिससे वहां भारी दबाव बढ़ा। अंततः कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद फाटक खोलना पड़ा।


