बीआरटीएस हटाने के साथ ही मिक्स लेन में आई बसें चलाने की शुरुआत हो गई है। अन्य वाहनों का ट्रैफिक दबाव बढ़ने से आई बस में देवास नाका से राजीव गांधी चौराहा तक 11 किमी के सफर में 45 मिनट की जगह अब डेढ़ घंटे से भी ज्यादा समय लग रहा है। इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सफर में देरी होने से कोचिंग संस्थान, कॉलेज, ऑफिस व अन्य कार्यों के लिए अपडाउन करने वालों ने आई बस से दूरी बना ली है। करीब 20 प्रतिशत यात्री घट गए हैं। वहीं जहां सवारी दिखे, ड्राइवर गाड़ी रोककर सवारी बैठा रहे हैं। इससे दुर्घटना की भी आशंका बढ़ गई है। पीक ऑवर्स में चौराहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही। काउंटर या कोई स्टैंड नहीं होने से सड़क किनारे ही कुर्सी लगाकर आई बसों के टिकट बनाए जा रहे हैं। वाहनों के बीच उतरना पड़ रहा भास्कर एक्सपर्ट – संदीप नारुलकर, SGSITS प्रोफेसर वाहनों में निकलने की होड़ मची आई बस मिक्स लेन में चलने से वाहनों का दबाव बढ़ेगा। पहले बसों को आगे निकलने पर प्राथमिकता दी जाती थी, अब दो पहिया, छोटी गाड़ियां और अन्य वाहनों में आगे निकलने की होड़ रहेगी। यदि आई बसों को सुगमता से चलाना है तो मिक्स लेन बनाने के बाद भी इन बसों के लिए व्यवस्था करना होगी। एक लेन पर ट्रैफिक दबाव बढ़ा
ट्रैफिक एसीपी हिंदू सिंह मुवेल ने बताया, जिस लेन पर बीआरटीएस की रैलिंग तोड़कर सड़क चौड़ी की है, वहां ट्रैफिक दबाव कम हुआ है। रैलिंग के दूसरी ओर जगह कम होने से पीक ऑवर्स में वाहन धीरे चलते हैं। वाहनों के धीमे चलने के कारण जाम की स्थिति बन रही है।


