शहडोल में कच्चे मकान में आग लग गई, जिसमें एक युवक जिंदा जल गया। इस दौरान युवक की मां वहीं मौजूद थी, लेकिन वह उसे बचा नहीं पाई और उसके आंखों के सामने ही बेटे की मौत हो गई। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम कठोतिया में शनिवार तड़के 3 बजे की है। पुलिस के अनुसार, गीता पटेल (45) कच्चे मकान के एक कमरे में सो रही थीं, जबकि बेटा अमित दूसरे कमरे में था। अचानक घर में आग लग गई। आग की लपटें उठती देख गीता बाहर की तरफ भागी, लेकिन बेटा अंदर ही फंसा रह गया। गीता बाहर निकलकर मदद के लिए चिल्लाई, लेकिन तभी सभी सो रहे थे। आग की चपेट में आने से युवक की जलकर मौत
इसी दौरान आग तेजी से बेटे के कमरे में फैल गई और अमित पटेल (18) मदद के लिए चिल्लाने लगा। मां ने पड़ोसियों को जगाकर बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही देर में पूरा कमरा उसकी चपेट में आ गया। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक अमित की जलकर मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक लगभग पूरा मकान जलकर खाक हो चुका था। युवक का शव पूरी तरह झुलसी अवस्था में मिला, जिसे एम्बुलेंस से जिला अस्पताल मर्चूरी भेजा गया। सब्जी बेचकर गुजारा करता था मृतक
बताया गया है कि युवक सब्जी की दुकान लगाकर घर का खर्च चलाता था और अपनी मां का इकलौता सहारा था। परिवार में पहले भी दुखद घटनाएं हो चुकी हैं। एक बेटा कुछ साल पहले घर छोड़कर चला गया था, जो कभी वापस नहीं आया। वहीं करीब एक दशक पहले पति ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद से मां और बेटा ही साथ रहकर जीवनयापन कर रहे थे। जिस कमरे में युवक सो रहा था, उसके ऊपर अटारी में पैरा (सूखी घास) रखा हुआ था, जिससे आग तेजी से फैलने की आशंका जताई जा रही है।


