गुलमोहर सिटी स्थित मां बगलामुखी धाम में शनिवार का दिन भक्ति और आत्म-चिंतन के नाम रहा। मौका था श्री शनि देव महाराज के निमित्त आयोजित सामूहिक हवन का, जहां हवन कुंड की आहुतियों की सुगंध के बीच मानवता और शुद्धि का अनमोल पाठ पढ़ाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ब्राह्मणों ने मुख्य यजमानों से विधिवत पूजन करवाकर किया। मंत्रों की गूंज के बीच भक्तों ने सपरिवार आहुतियां डालीं और लोक कल्याण की कामना की। पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। धाम के संस्थापक नवजीत भारद्वाज ने कहा कि यदि मन निर्मल है और विचार शुद्ध हैं, तो ईश्वर को खोजने के लिए किसी दूर तीर्थ पर जाने की आवश्यकता नहीं। सच्चा धर्म प्रदर्शन या सोशल मीडिया के प्रचार में नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर जन्म लेता है। उन्होंने कहा कि यदि हृदय पवित्र है, तो घर के एक साधारण पात्र (कठौती) का जल भी गंगाजल के समान पावन है। लेकिन यदि मन में छल-कपट और अहंकार है, तो गंगा स्नान भी आत्मा को मैल से मुक्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब लोग महंगे अनुष्ठानों और दिखावे को धर्म मान बैठे हैं, तब हमें यह समझना होगा कि मन बदले बिना जीवन नहीं बदलता। यहां सरोज बाला, अमरेंद्र कुमार शर्मा, सौरभ भाटिया, नरेश, कोमल, अजीत कुमार, नरिंदर, रोहित भाटिया, बावा जोशी, राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।


