लखनऊ के होटल में मां और 4 बहनों की हत्या से पहले आरोपी पिता बदरुद्दीन और बेटे अरशद ने खुद शराब पी। मां और बड़ी बहन को भी पिलाई। दोनों उल्टियां करने लगीं। बाकी, 3 बहनों को नशे की गोलियां मिलाकर कोल्ड ड्रिंक पिलाई। जब सभी बेहोशी की हालत में आ गईं तो 31 दिसंबर की रात 2 बजे सभी की हत्या कर दी। मां और बड़ी बहन को गला दबाकर मारा, जबकि छोटी बहनों की गला कसने के बाद कलाई और नसें भी काटीं। पूरा परिवार आगरा से 30 दिसंबर की दोपहर 3 बजे लखनऊ में होटल पहुंचा। चारबाग के नाका इलाके स्थित होटल शरनजीत में 700 रुपए में 5 बेड का कमरा नंबर 109 बुक कराया। घटनाक्रम देखकर यह क्लियर है कि बाप-बेटे पूरी प्लानिंग के साथ लखनऊ आए। होटल में एंट्री करने के बाद बेटे अरशद ने मां और 4 बहनों को 36 घंटे तक कमरे से बाहर नहीं निकलने दिया। अरशद ने प्लानिंग के साथ 31 दिसंबर की रात चुनी। वह शाम को खाना, शराब और कोल्ड ड्रिंक लेकर आया। उसने पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया और मुद्दे को धार्मिक रंग देने की कोशिश की। रात में हत्या के बाद अरशद और पिता बदरुद्दीन दोनों तड़के 3 बजे होटल से निकले। 30 दिसंबर से लेकर 1 जनवरी की सुबह 7:45 बजे के बीच की पूरी कहानी पढ़िए… 30 दिसंबर: 700 रुपए में लिया बड़ा कमरा
30 दिसंबर को मो. अरशद (24), पिता मो. बदरुद्दीन, मां आसमां, 4 बहनें- आलिया (9), अक्क्षा (16), अल्शिफा (19) और राहीमीन (18) के साथ दोपहर 3 बजे शरनजीत होटल पहुंचे। होटल के अटेंडेंट अनूप ने बताया- अरशद ने 700 रुपए में कमरा नंबर-109 लिया। उसने खुद को गरीब बताते हुए कहा कि वे लखनऊ घूमने आए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कमरा लेने के बाद सीएम योगी से मिलने की बात कहकर अरशद बाहर निकला। किसी को शक न हो, इसलिए वह रात को वापस आया। घरवालों से बोला- अफसरों से बात हुई है, जल्दी कार्रवाई होगी। अटेंडेंट अनूप ने बताया कि होटल में दाखिल होने के बाद परिवार सामान्य व्यवहार करता दिखा। उन्होंने 31 दिसंबर को दोपहर में होटल की 3 थाली मंगवाई। कमरे में खाना खाया। सिर्फ अरशद और उसके पिता कमरे से बाहर आते-जाते दिखाई दिए। मो. बदरुद्दीन पानी लेने के लिए कमरे से बाहर आया। जबकि अरशद खाना और बाजार से सामान लाने के लिए कमरे में बाहर निकलता था। 31 दिसंबर: रात में होटल के दूसरे कमरे में था जश्न का माहौल
अटेंडेंट ने बताया- 31 दिसंबर को दिनभर केवल अरशद ही दिखा। वह काफी नॉर्मल लग रहा था। रात में उन्होंने खाने का ऑर्डर नहीं दिया। धीरे-धीरे न्यू ईयर की पार्टी के लिए लोग कमरे में पहुंचने लगे। रात में कमरे से हल्की आवाजें आ रही थीं, जिसे सामान्य समझा गया। ऐसा लगा कि वे सिर्फ बातचीत ही कर रहे हैं। कमरा नंबर 107 में ठहरे उमेश ने बताया- 31 दिसंबर की रात होटल में नए साल के चलते शोरगुल का माहौल था। मैंने हल्की आवाजें सुनीं, लेकिन नए साल के जश्न का हिस्सा समझा। गाना बज रहा था, इसलिए कुछ समझ नहीं आया। सुबह पुलिस पहुंची तो पता चला कि 5 लोगों का मर्डर हुआ। 1 जनवरी: सबसे पहले पहुंचे पुलिसकर्मी ने देखा कमरे का खौफनाक मंजर
सुबह 6:20 बजे अरशद खुद हुसैनगंज कोतवाली पहुंचा। ड्यूटी पर मौजूद मुंशी से कहा- मैंने मां और बहनों की हत्या कर दी। शव नाका के शरनजीत होटल में पड़े हैं। सुबह 7:45 बजे लोको चौकी के सिपाही सरोज अवस्थी सबसे पहले होटल पहुंचे। सरोज ने बताया कि सूचना पर होटल पहुंचकर दरवाजा खोला तो पूरा कमरा खून से सना था। पांचों शव बेड पर पड़े थे। अपने अफसरों को सूचना दी। साथ ही नाका कोतवाली पर भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद फोर्स ने शवों को कब्जे में लेकर फोरेंसिक टीम को बुलाया। अब पुलिस जांच में क्या-क्या रहा ये बताते हैं… सोची-समझी प्लानिंग से कीं हत्याएं
आरोपी अरशद ने राम मंदिर से लेकर धर्म परिवर्तन तक की बातें कही हैं। पुलिस का कहना है कि इससे साफ है कि वह पूरा प्लान पहले ही बना चुका था। उसने जो वीडियो बनाया है, उसमें दिख रहा है कि इस घटना के बाद दुखी नहीं है। पिता भी हत्या में शामिल रहा और मासूमों की जान लेते वक्त उनके हाथ नहीं कांपे। पुलिस को गुमराह कर रहा अरशद
हत्या के बाद अरशद अपने पिता को लेकर रेलवे स्टेशन गया। वहां से वह सीधे पुलिस चौकी पहुंचा और 5 हत्याएं करने की बात कबूली। पुलिस कस्टडी में सुबह से लेकर रात तक वह बयान बदलता रहा। यही वजह है कि पुलिस भी अब उसकी कहानी पर विश्वास नहीं कर रही।पुलिस ने उसके पिता की तलाश में GRP के साथ आसपास के थानों को अलर्ट कर दिया है। 18 दिसंबर को आगरा से निकला पूरा परिवार
अरशद और उसके पिता को लेकर तमाम बातें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि पड़ोसियों को फंसाने के लिए उन्होंने ये हत्याएं की हैं। 18 दिसंबर को अरशद अपने पिता मो. बदरुद्दीन, मां आसमां, बहन आलिया (9), अक्क्षा (16), अल्शिफा (19) और राहीमीन (18) के साथ आगरा से निकला था। वह पहले परिवार को लेकर अजमेर गया। वहां एक कमरे में रुके। प्लानिंग के तहत पिता ने वीडियो बनाकर जारी किया। इसमें जमीन पर कब्जे से लेकर पड़ोसियों की धमकियों का जिक्र किया। इस दौरान महिलाओं के चेहरे पर भी तनाव दिखा। एक बेटी अपना चेहरा छिपाती दिखी। यह वीडियो खुद अरशद ही बना रहा था। बाद में इसे पब्लिक एप के जरिए वायरल कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने मां और बहनों को बताया था कि पड़ोसियों पर कार्रवाई के लिए दुआ मांगें। उसने कहा कि कार्रवाई के लिए कुछ अलग हटकर करना होगा। 29 दिसंबर की रात लखनऊ पहुंचा परिवार
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह परिवार 29 दिसंबर की रात लखनऊ पहुंचा। 30 दिसंबर को होटल में कमरा लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री से मिलने की बात कहकर अरशद बाहर निकला। किसी को शक न हो, इसलिए वह रात को वापस लौटा और बोला कि अधिकारियों से बात हुई है, जल्दी कार्रवाई होगी। 31 की रात को पिता के साथ खाना, शराब की बोतल और कोल्ड ड्रिंक लाया। इसमें नशे की गोली भी मिलाईं। इसे सभी को पिलाने के बाद प्लान के तहत मां और छोटी बहन की गला घोंटकर हत्या कर दी। दूसरी बहनों का गला घोंटा और गले, कलाई की नसें काट दीं। पूरी वारदात का उसने वीडियो भी बनाया और मुद्दे को धार्मिक रंग देने की कोशिश की। मारने के लिए पहले ही लाया था ब्लेड
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में सामने आया है कि अरशद ब्लेड अपने साथ घर से ही लाया था। इसी का हत्या में प्रयोग किया। बताया जा रहा है कि उसको भी अपने पिता की तरह महिलाओं से नफरत थी। बेटियां पैदा होने पर वह पत्नी को प्रताड़ित करता था। पहले भी वह बेटी को जिंदा ही दफनाने की कोशिश कर चुका है, लेकिन कामयाब नहीं हुआ। पिता पुलिस पूछताछ में टूट न जाएं, इसलिए स्टेशन छोड़ा
अरशद को इस बात का डर था कि पिता कहीं पुलिस पूछताछ में टूट न जाएं, इसी डर से उन्हें पहले ही रेलवे स्टेशन पहुंचा दिया। पहले उसने कहा कि पिता आत्महत्या करने के लिए निकले हैं। उसके बाद कहा कि पिता को खुद स्टेशन छोड़कर आया है। बाद में बोला कि पिता जेल नहीं जाना चाहते, इसलिए फरार हो गए। जयपुर में दो बार किया हत्या का प्रयास
अरशद ने पुलिस को बताया कि उसने जयपुर में भी सभी की हत्या का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हुआ। उसके बाद सभी को सीएम योगी से मिलाने के बहाने लखनऊ ले आया।
उसने यह भी बताया कि खुद अपनी छोटी बहन को बेचना चाहता था। घरवाले इसका विरोध कर रहे थे, इसलिए सभी को मारने की साजिश रची। चारबाग से खरीदी थी शराब
अरशद ने बताया कि उसने चारबाग से शराब खरीदी थी। यह शराब उसने मां और बहनों को पीने के लिए दी। शराब पीने के बाद उन्हें उल्टियां हुईं। पिता कोल्ड ड्रिंक लेकर आए थे, जिसमें नशे की गोलियां मिलाई थी। यह पिलाने के बाद सभी की हत्या को अंजाम दिया। आरोपी ने खुद ही की 7 लाख में रजिस्ट्री
यह बात भी सामने आई है कि अरशद जिन पर जमीन कब्जाने का आरोप लगा रहा है, उसकी रजिस्ट्री उसने 7 लाख में खुद की थी। वह वीडियो में कह रहा है कि कुछ महीने पहले पड़ोसी रानू और उसके रिश्तेदारों ने जमीन की रजिस्ट्री जबरन करा ली और पैसे नहीं दिए। जिन सवालों का जवाब जानना चाहती है पुलिस अरशद के बयान को वेरीफाई कर रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अरशद के बयानों को वैरीफाई किया जा रहा है। वह जो बोल रहा है, वह सही है या उसके पीछे कोई प्लानिंग है, इसकी जांच हो रही है। उसके आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह भी पता लगाया जा रहा है। इसके रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। ———————————— घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- लखनऊ के होटल में परिवार के 5 लोगों की हत्या: बेटे के साथ बाप ने पत्नी और 4 बेटियों को मारा; मर्डर का VIDEO भी बनाया लखनऊ के एक होटल में बाप-बेटे ने अपने परिवार के 5 लोगों की हत्या कर दी। पत्नी और 4 बेटियों की हत्या के बाद पिता होटल से भाग गया। जबकि बेटा थाने गया। वहां पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे में 5 लोगों की लाश पड़ी थी। पढ़ें पूरी खबर…


