बैतूल के मंगोनाकला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) न्यायालय ने मां और बहन के साथ मारपीट करने के मामले में आरोपी लोकेश बचले और उसकी पत्नी कविता बचले को दोषी करार देते हुए दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास और प्रत्येक पर 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह सजा नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 117(2) सहपठित धारा 3(5) के तहत दी गई। पानी भरने को लेकर शुरू हुआ विवाद 65 वर्षीय रामप्यारी पति चैतराम बचले ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 अप्रैल 2025 की सुबह उनकी बहू कविता से पानी भरने को लेकर कहासुनी हुई थी। रामप्यारी घर के आगे के कमरे में अपनी छोटी बेटी के साथ रहती हैं, जबकि बेटा लोकेश और बहू कविता पीछे के कमरे में अलग से रहते हैं। रात में बिजली का तार निकालकर किया हमला शिकायत के अनुसार, उसी रात करीब 11 बजे लोकेश ने उनकी तरफ के कमरे की बिजली के तार निकाल दिए। जब रामप्यारी और उनकी बेटी देवी बेले तार जोड़ने गईं और पूछताछ की, तो लोकेश और कविता ने गाली-गलौज करते हुए उन पर हमला कर दिया। बहू कविता ने हॉर्स पाइप से मारपीट की, जिससे रामप्यारी की कलाई और जांघ में चोटें आईं। दोनों ने जान से मारने की धमकी भी दी। अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी शुभांगी मंगल ने मामले की पैरवी की। गवाहों के बयान और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषसिद्ध पाते हुए कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। निर्णय के बाद दोनों को जेल वारंट जारी कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।


