बेनूर | रावघाट और आमदई क्षेत्र की लौह अयस्क खदानों से अयस्क ढोने वाली भारी गाड़ियों की तेज रफ्तार और लापरवाही से हादसों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने बताया कि कुछ चालक शराब के नशे में गाड़ी चलाते हैं। कई बार वे आपस में रफ्तार की होड़ लगाते हैं। इससे सड़क सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। लोगों का कहना है कि भारी वाहन चालक अक्सर ओवरस्पीडिंग करते हैं। इससे राहगीरों और कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ जाती है। कई बार चालक इतनी तेजी से मोड़ लेते हैं कि हादसा होते-होते बचता है। कुछ चालक एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में नियमों की अनदेखी करते हैं। शाम होते ही माइंस की सड़कें रेस ट्रैक जैसी लगने लगती हैं। ऐसा लगता है जैसे कोई रेस चल रही हो। कुछ चालकों के चेहरे पर नशे के लक्षण भी साफ नजर आते हैं। इससे पहले माइंस की गाड़ियां कोंडागांव-नारायणपुर रोड पर कई मवेशियों और राहगीरों को कुचल चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन, पुलिस और खनन प्रबंधन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों की मांग है कि चालकों की नियमित मेडिकल जांच हो, ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट और स्पीड चेकिंग अनिवार्य की जाए, नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।


