भास्कर न्यूज| नारायणपुर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत बालक उमावि में 6 अगस्त को मेगा पालक-शिक्षक बैठक हुई। उद्देश्य था पालकों और विद्यालय के बीच समन्वय बनाकर बच्चों के शैक्षणिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा देना। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती पूजन से हुई। मुख्य अतिथि पद्मश्री हेमचंद मांझी, विशिष्ट अतिथि पद्मश्री पंडीराम मंडावी और अपर कलेक्टर वीरेंद्र बहादुर पंचभाई का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया गया। अध्यक्षता सुदीप झा ने की। पार्षद जय वट्टी, शिक्षाविद अजय प्रसाद रंघाटी, शाला प्रबंधन समिति सदस्य राजकुमारी देवांगन और लक्ष्मी प्रसाद कोरी भी मौजूद रहे। बैठक में बाल कैबिनेट, अनुशासन समिति, स्वच्छता समिति, शाला नायक और कक्षा नायक के लिए चुने गए विद्यार्थियों को शपथ दिलाई गई। बच्चों ने ईमानदारी और समर्पण से अपने दायित्व निभाने का संकल्प लिया। पालक-शिक्षक संवाद में बच्चों की दिनचर्या, घर का माहौल, पढ़ाई की प्रगति, परीक्षा की तैयारी, बस्ता रहित शनिवार, स्वास्थ्य, पोषण, प्रमाणपत्रों की स्थिति, प्रतियोगी परीक्षाएं, छात्रवृत्तियाँ, डिजिटल शिक्षा मंच और पॉक्सो एक्ट 2012 जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्राचार्य मनोज बागड़े ने इन बिंदुओं पर विस्तार से बात की। पद्मश्री पंडीराम मंडावी ने गोंडी भाषा में आत्मीय उद्बोधन दिया। उन्होंने शिक्षा को जीवन का हिस्सा बताया और पारंपरिक मूल्यों को महत्व देने की बात कही। अपर कलेक्टर वीरेंद्र बहादुर पंचभाई ने विद्यार्थियों, पालकों और शिक्षकों से संवाद किया। पार्षद जय वट्टी ने पालकों से सहयोग बनाए रखने की बात कही। पालकों ने भी विचार रखे। तुलसीराम साहू ने बच्चों के भविष्य निर्माण में विद्यालय के साथ मिलकर काम करने की बात कही।


