राजस्थान में खनन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश की शुरुआत हो गई है। राइजिंग राजस्थान समिट के दौरान हुए 30 हजार करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू अब धरातल पर उतर रहे हैं। प्रमुख सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने बताया कि खनन क्षेत्र में कुल 45 बड़े एमओयू हुए हैं। इनमें 20 एमओयू एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के हैं। शेष 25 एमओयू 100 करोड़ से एक हजार करोड़ रुपये के बीच के हैं। प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त मंगलवार को सचिवालय में राइजिंग राजस्थान इंवेस्टमेंट समिट के दौरान माइनिंग प्री समिट व अन्य अवसरों पर हुए एमओयू की प्रगति समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, जो खान मंत्री भी हैं, स्वयं एक हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे हैं। 100 करोड़ से एक हजार करोड़ तक के निवेश करारों की समीक्षा मुख्य सचिव स्तर पर हो रही है। विभाग ने फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर निवेशकों से समन्वय बनाएं। साथ ही परियोजनाओं में आने वाली समस्याओं का समाधान करें। विभाग निवेशकों से सीधा संवाद भी कर रहा है और जिला स्तर के अधिकारियों से नियमित वर्चुअल समीक्षा भी होगी। संयुक्त सचिव माइंस आशु चौधरी के अनुसार, सभी निवेश करारों को वर्गीकृत कर लिया गया है। नोडल अधिकारी महावीर प्रसाद मीणा और सह प्रभारी अधीक्षण भूवैज्ञानिक संजय सक्सेना के मुताबिक निवेश करारों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। बैठक में अधीक्षण भूवैज्ञानिक सचिवालय श्री सुनील वर्मा ने भी हिस्सा लिया।


