फाल्गुन मास की बसंत पंचमी से मेवाड़ के मंदिरों में फाग उत्सव का क्रम जारी है। उदयपुर के ऐतिहासिक जगदीश मंदिर में यह उत्सव रंग पंचमी तक चलेगा। एक माह तक चलने वाले इस पर्व के दौरान मंदिर में विशेष आयोजन हो रहे हैं। जिसमें श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। जगदीश मंदिर के पुजारी गजेंद्र पुजारी ने बताया कि मेवाड़ में यह परंपरा वृंदावन की तर्ज पर वर्षों से चली आ रही है। बसंत पंचमी के दिन भगवान को पीली पोशाक धारण कराई जाती है। सरसों के फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाता है। भगवान को भोग लगाने के बाद गुलाल अर्पित किया जाता है, जिसमें भक्तजन रंगों के साथ झूमते हुए भगवान के भजनों का आनंद लेते हैं। फाग उत्सव के दौरान रोज भगवान को राजभोग के बाद गुलाल से खेलने की परंपरा निभाई जाती है। इस दौरान भक्त कबीर, मीरा और राधा-कृष्ण के भजनों पर झूमते नजर आए। रंगों के इस पावन पर्व में भक्त अपनी श्रद्धा के रंग भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं। इस अनूठे आयोजन में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए पर्यटक भी हिस्सा लेते हैं। फाल्गुन मास के इस उत्सव के दौरान एकादशी और पूर्णिमा के दिन मंदिर में भक्तों की विशेष भीड़ उमड़ती है।


