भास्कर न्यूज | बंडामुंडा माओवादी हमले के 72 घंटे बाद भी चक्रधरपुर रेल मंडल के बिमलगढ़ रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन शुरू नहीं हो सका है। 2 अगस्त को करमपदा और रांगड़ा के बीच माओवादियों ने विस्फोट कर रेल पटरी को उड़ा दिया था। इसमें एक रेलकर्मी की मौत हो गई थी। दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ था। घटना के बाद से करमपदा, रांगड़ा और किरीबुरू स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा है। रेलवे की सुरक्षा एजेंसी आरपीएफ अब तक पटरी को सुरक्षित नहीं बना सकी है। करमपदा से किरीबुरू तक काम करने वाले ट्रेन मेंटेनरों में डर बना हुआ है। उनके चेहरों पर खौफ साफ नजर आ रहा है। रेलकर्मियों ने बताया कि अब तक पटरी की सुरक्षा जांच नहीं हुई है। न डॉग स्क्वायड आया, न मेटल डिटेक्टर से जांच हुई। आरपीएफ भी मौके पर नहीं पहुंची। रेलकर्मियों का आरोप है कि पटरी को बिना जांच के फिट घोषित किया जा रहा है। तीन दिन से बंद हैं रेलकर्मी करमपदा रनिंग रूम में दो दर्जन से ज्यादा रेल चालक और ट्रेन मैनेजर तीन दिन से बंद हैं। रेलवे ने उन्हें बाहर निकलने से मना किया है। वे परेशान हैं कि कब बाहर निकलने का मौका मिलेगा। करीब 60 ट्रैक मेंटेनरों पर दोबारा पटरी पर जाकर काम करने का दबाव है।


