सीहोर में माघ पूर्णिमा के अवसर पर नर्मदा नदी के तट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही आंवली घाट, नीलकंठ घाट, बुधनी घाट और बांद्राबान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए पहुंचे। भक्तों ने नर्मदा मैया को चुनरी अर्पित की और दीप दान किया। माघी पूर्णिमा के महत्व के बारे में ज्योतिषी पंडित गणेश शर्मा ने बताया कि इस दिन का विशेष धार्मिक महत्व है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु गंगा जल में निवास करते हैं। इस दिन एक विशेष खगोलीय स्थिति बनती है, जब चंद्रमा कर्क राशि में और सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं। माघ पूर्णिमा पर स्नान-दान का विशेष महत्व
माघ पूर्णिमा के साथ ही माघ मास का समापन होता है और फाल्गुन मास का आरंभ होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघी पूर्णिमा से तीन दिन पहले से पवित्र नदियों में स्नान करने से संपूर्ण माघ मास के स्नान का पुण्य प्राप्त होता है। ये दिन स्नान, दान और तर्पण के लिए विशेष शुभ माना जाता है। त्रिवेणी संगम पर लगने वाला प्रसिद्ध माघ मेला भी इसी पवित्र मास की देन है, जो महाशिवरात्रि तक चलेगा। शास्त्रों में सभी पूर्णिमाओं का महत्व है, परंतु माघ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को विशेष फलदायी माना गया है।


