माता-पिता की मौत से डिप्रेशन में गए युवक ने की आत्महत्या

भास्कर न्यूज | अमृतसर थाना गेट हकीमां के तहत आते रेलवे बी-ब्लॉक क्वार्टर में एक युवक ने जहरीली दवा निगलकर खुदकुशी कर ली। घटना शनिवार सुबह तकरीबन 10 बजे की है। युवक ने जहरीली दवा निगलने के बाद सोशल मीडिया में लाइव होकर खुदकुशी करने के बारे में बताया। उसने आईडी के स्टोरी में भी वीडियो अपलोड कर दी, जिसके बाद पुलिस को शाम 5 बजे सूचना मिली तो मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। तालाशी के दौरान युवक का आधार कार्ड मिला, जिसमें उसकी पहचान गांव खोखर, गुरदासपुर के रहने वाले विक्रमजीत सिंह (33) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में रखवा दिया है। पुलिस ने बताया कि विक्रमजीत के माता-पिता इस दुनिया में नहीं है, जिसके कारण विक्रम डिप्रेशन में चला गया था और खुदकुशी कर ली। लुधियाना| पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के स्किल डेवलपमेंट सेंटर और माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से क्लीनिंग एजेंट बनाने की ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग में 19 प्रशिक्षु शामिल हुए। कार्यक्रम डॉ. एमएस भुल्लर, डायरेक्टर एक्सटेंशन एजुकेशन के मार्गदर्शन में हुआ। डॉ. रुपिंदर कौर, एसोसिएट डायरेक्टर (पब्लिकेशन) ने बताया कि बायोएंजाइम से बने क्लीनिंग एजेंट पर्यावरण के अनुकूल होते हैं। इनसे सफाई भी होती है और खर्च भी कम आता है। इन्हें स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सप्लाई कर लाभ कमाया जा सकता है। डॉ. उर्मिला गुप्ता, हेड, माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने बायोएंजाइम के ऑर्गेनिक क्लीनर के रूप में उपयोग पर व्याख्यान दिया। डॉ. प्रिया कटियाल और डॉ. सुमन कुमारी ने बायोएंजाइम के विभिन्न उपयोग, एग्रो-वेस्ट से इन्हें बनाने और गुणवत्ता जांच की जानकारी दी। डॉ. रमणदीप सिंह, डायरेक्टर, स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज ने क्लीनिंग एजेंट के ब्रांडिंग, लेबलिंग और मार्केटिंग के तरीके समझाए। डॉ. प्रेरणा कपिला ने ऑर्गेनिक डिश वॉश, एलोवेरा साबुन और फेस पैक बनाने में प्रशिक्षुओं की मदद की। लुधियाना| पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के स्किल डेवलपमेंट सेंटर और माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से क्लीनिंग एजेंट बनाने की ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग में 19 प्रशिक्षु शामिल हुए। कार्यक्रम डॉ. एमएस भुल्लर, डायरेक्टर एक्सटेंशन एजुकेशन के मार्गदर्शन में हुआ। डॉ. रुपिंदर कौर, एसोसिएट डायरेक्टर (पब्लिकेशन) ने बताया कि बायोएंजाइम से बने क्लीनिंग एजेंट पर्यावरण के अनुकूल होते हैं। इनसे सफाई भी होती है और खर्च भी कम आता है। इन्हें स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सप्लाई कर लाभ कमाया जा सकता है। डॉ. उर्मिला गुप्ता, हेड, माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने बायोएंजाइम के ऑर्गेनिक क्लीनर के रूप में उपयोग पर व्याख्यान दिया। डॉ. प्रिया कटियाल और डॉ. सुमन कुमारी ने बायोएंजाइम के विभिन्न उपयोग, एग्रो-वेस्ट से इन्हें बनाने और गुणवत्ता जांच की जानकारी दी। डॉ. रमणदीप सिंह, डायरेक्टर, स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज ने क्लीनिंग एजेंट के ब्रांडिंग, लेबलिंग और मार्केटिंग के तरीके समझाए। डॉ. प्रेरणा कपिला ने ऑर्गेनिक डिश वॉश, एलोवेरा साबुन और फेस पैक बनाने में प्रशिक्षुओं की मदद की। शव के पास से जहरीली दवा की छोटी बोतल भी बरामद हुई। विक्रम ने सोशल मीडिया पर अपलोड की वीडियो में कहा कि मैंने दवाई खा ली है आज, मैं बहुत दुखी हूं। मरने का मन कर रहा है। माता-पिता के बिना जिंदगी जीरो है। इतना कहने के बाद विक्रम में जहरीली दवाई की छोटी बोतल को भी दिखाया।

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