भीलवाड़ा शहर के भोपालगंज स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान लक्ष्मीनारायण का विशेष शृंगार किया जा रहा है। मंदिर में अब अगले 2 महीने तक विशेष धार्मिक सेवा प्रकल्प चलेंगे। भगवान को प्रतिदिन विशेष व्यंजनों का भोग लगेगा। भक्तों को 60 दिन तक विशेष प्रसादी मिलेगी। भीलवाड़ा का एक मात्र लक्ष्मी नारायण मंदिर मंदिर ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि सनातन धर्म में भगवान विष्णु ही आदि देव हैं। उन्हीं से सभी देवी- देवता और सृष्टि की उत्पत्ति हुई है। भीलवाड़ा के इस मंदिर में भगवान विष्णु माता लक्ष्मी के साथ विराजमान हैं, यह एकमात्र मंदिर है जहां भगवान विष्णु ओर माता रानी साथ विराजे हैं। दो माह तक विशेष भोग लगाया जाएगा पौष और माघ मास में ठंड तेज होती है। इसलिए भगवान की सेवा का विशेष क्रम शुरू किया गया। दो महीने भगवान का प्रतिदिन विशेष शृंगार किया जाएगा।प्रतिदिन भगवान को शुद्ध घी से निर्मित खिरण और नमकीन चावल का भोग लगाना शुरू किया है, जो पौष ओर माघ दो महीने तक लगाया जाएगा। यहां एक भक्त को एक बार ही भोग सेवा का अवसर दिया जाता है। विशेष पूजा-श्रृंगार सर्दी के मौसम में दो माह तक लगातार विशेष आयोजन किए जाएंगे। भगवान को विशेष भोग लगता है जिसमें खिरण और नमकीन चावल महीने का दो महीने तक भक्तों द्वारा लगाया जाता है। भगवान का प्रतिदिन जलाभिषेक होता है विशेष पूजा होती है और अति विशेष श्रृंगार प्रतिदिन किया जाता है। 60 दिन तक भगवान का विशेष श्रृंगार होता है जो दर्शनीय ओर नयनाभिराम होता है। दूध से लगता है भगवान को भोग यहां नियमित रूप से 365 दिन पांचों आरती आरती ओर तीनों भोग के साथ विधि विधान से पूजा पाठ किया जाता है। मंदिर में गोशाला बनी है उन्हीं गायों के के दूध से भगवान को भोग लगाया जाता है। भगवान के लिए रसोई घर अलग से बना हुआ है। इस रसोई घर में भगवान के लिए भोग का बनाया जाता है, भगवान के विशेष आयोजन पौष से माघ महीने तक किए जाएंगे।


