कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय में एआईसीटीई के निर्देश पर मातृभाषा दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग में भाषाई संस्कृति और लोक परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। छात्राओं ने मधुबनी, मांडना, पाबूजी की फड़, वारली, संथाल, गोंड, भील और कलमकारी जैसी भारतीय लोक कलाओं का प्रदर्शन किया। इन कलाकृतियों का वर्णन विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में किया गया। प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने राजस्थानी बोली में संबोधित करते हुए भारत की पारंपरिक कला और संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम में 230 छात्राएं और शिक्षक शामिल हुए। डॉ. सारिका कौल ने कार्यक्रम का क्यूरेशन किया। 22 फरवरी को हिंदी विभाग ने ऑनलाइन मातृभाषा लोक कथा प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें विभिन्न संकायों से 16 छात्राओं ने हिस्सा लिया। डॉ. धर्मा यादव ने मायड़ भाषा में कार्यक्रम का संचालन किया। प्रतियोगिता में कनिका शर्मा प्रथम, सुमन चौधरी द्वितीय और भूमिजा चौधरी तृतीय स्थान पर रहीं। डॉ. ऋचा चतुर्वेदी ने निर्णायक की भूमिका निभाई।


