मादक पदार्थों के विरुद्ध पर्यटन स्थलों पर जन जागरूकता कार्यक्रम

कामडारा| ग्लॉसप मेमोरियल उच्च विद्यालय कामडारा मे आज बुधवार को कामडारा के थाना प्रभारी शशि प्रकाश ने स्कूली बच्चों को मादक द्रव्य पदार्थ के दुष्परिणाम, साइबर अपराध व सड़क सुरक्षा सहित अन्य विषयों पर जागरूक किया। इस दौरान थाना प्रभारी ने स्कूली बच्चों से कहा कि मादक द्रव्य पदार्थ जैसे नशीली चीजों से हमेशा दूर रहे हैं। इससे बच्चों का शारीरक, मानसिक खराब होने के साथ-साथ उसका सुनहरा भविष्य भी बर्बाद हो जाता है। वहीं गलत आचरण वाले लोगो की संगति से हमेशा दूर रहने का प्रयास करें। इसके अलावे थाना प्रभारी ने सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया। इस दौरान विद्यालय के एचएम एमएल नाग सहित सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे। गुमला| पर्यटन, खेलकूद विभाग द्वारा निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान जिला स्तरीय पर्यटन विशेषज्ञ एवं पर्यटक मित्र द्वारा लोगों को मादक पदार्थों के विरुद्ध जागरूक किया गया। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं एवं आम नागरिकों को नशे की लत के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा नशा-मुक्त समाज के निर्माण हेतु प्रोत्साहित करना था। इस अभियान के तहत गुमला जिलांतर्गत पर्यटन स्थल टांगीनाथ धाम, डुमरी तथा देवाकी धाम, घाघरा में उक्त विभाग की टीम द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया। लोगों ने इस कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान वहां उपस्थित लोगों को पंपलेट का भी वितरण किया गया। उन्हें नशा से दूर रहने हेतु प्रेरित किया गया। इस दौरान लोगों को नशा के दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किस प्रकार नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता है, बल्कि पूरे परिवार एवं समाज पर उसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कई परिवार नशा के प्रभाव से बिखर जाते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रमों से लोगों में जागरूकता आएगी और समाज नशा-मुक्त होने की दिशा में अग्रसर होगा। भास्कर न्यूज | लोहरदगा निषिद्ध मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव व दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा एलईडी चलंत वैन के जरिए जिला के सेन्हा प्रखंड के अरु व डाडू और पेशरार प्रखंड के सीरम पंचायत के गांवों में अभियान चलाया गया। जिसमें लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि नशाखोरी एक सामाजिक अभिशाप है जो हिंसक प्रवृति को बढ़ावा देती है। साथ ही आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए कार्य करती है। इससे सामाजिक व्यवस्था चरमराने लगती है और व्यक्ति अपने नैतिक मूल्यों का त्याग कर गलत व्यवहार करने लगता है। वहीं बताया गया कि आय का एक बड़ा हिस्सा नशे में व्यय कर देने के कारण पारिवारिक आर्थिक स्थिति व वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। परिवार में अक्सर अनबन और कलह होते रहते हैं। इसके सेवन से मनुष्य के शरीर में कई प्रकार के रोग हो जाते हैं और कई बार इसके वजह से मृत्यु तक भी हो जाती है। वहीं बताया गया कि मादक पदार्थों का सेवन लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा और रिश्तों पर असर डालकर भविष्य के लिए चुनौतियां उत्पन्न करता है। युवाओं में नशे की लत होने के कारण भावी पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो जाता है।

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