मादुरो की गिरफ्तारी पर वर्ल्ड मीडिया:BBC ने कहा- वेनेजुएला अब ट्रम्प की विरासत; अमेरिकी मीडिया ने लिखा- मादुरो सरकार अड़ियल रवैया अपना रही

अमेरिका ने 2 जनवरी की रात वेनेजुएला के 4 शहरों पर एकसाथ हमला किया। इस दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो एक मिलिट्री बेस में सो रहे थे। तभी अमेरिका की सीक्रेट डेल्टा फोर्स ने सर्च ऑपरेशन कर उन्हें खोज निकाला। सैनिकों ने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया को बेडरूम से बाहर निकाला और अपने कब्जे में ले लिया। दोनों को को 4 जनवरी की आधी रात अमेरिका लाया गया। वहीं, ट्रम्प ने वेनेजुएला की कमान उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के हाथों में सौंपा। अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक की मीडिया इस गिरफ्तारी को प्रमुखता से कवर कर रही है। पढ़िए प्रमुख मीडिया आउटलेट ने मादुरो को लेकर क्या लिखा… ब्रिटेन- BBC: वेनेजुएला अब ट्रम्प की विरासत, कुछ गड़बड़ी हुई तो बड़ी नाकामी बनेगी वेनेजुएला में डर का माहौल बनाने के बाद, डोनाल्ड ट्रम्प अब राष्ट्र निर्माण के कारोबार में उतरते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को सफलतापूर्वक पकड़ लिया है। ट्रम्प ने कहा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ वेनेजुएला का कंट्रोल अपने हाथ में लेंगे। देश चलाने से ट्रम्प का क्या मतलब है, फिलहाल यह तो साफ नहीं है, लेकिन यह एक अचानक आए बदलाव की ओर इशारा करती है। उन्होंने अमेरिकी कंपनियों को तेल उद्योग ठीक करने और देश को फिर से मजबूत बनाने का वादा किया। यह कार्रवाई ट्रम्प की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति में बड़ा बदलाव है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर यह कामयाब हुआ तो ट्रम्प की विरासत बहुत मजबूत हो जाएगी। लेकिन अगर गड़बड़ हुई (जैसे लंबा युद्ध, पैसा बर्बाद या अराजकता) तो यह उनकी बड़ी नाकामी बनेगी। यह अमेरिका की दुनिया में भूमिका भी बदल सकता है। कई देश इसे “इम्पीरियलिज्म” (साम्राज्यवाद) कह रहे हैं। यानी अमेरिका दूसरों के देशों पर कब्जा करना चाहता है, खासकर तेल के लिए (वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है)। लैटिन अमेरिकी देश, चीन-रूस जैसे विरोधी इसे गलत बता रहे हैं। कुछ ट्रम्प समर्थक भी नाराज हैं क्योंकि वे विदेशी झगड़ों से दूर रहना चाहते थे। अमेरिका- न्यूयॉर्क टाइम्स: ट्रम्प ने वेनेजुएला पर शासन की कसम खाई, मादुरो सरकार अड़ियल रवैया अपना रही अमेरिका के वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और राष्ट्रपति ट्रम्प के वेनेजुएला को अपने कंट्रोल में लेने की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय कानून और राष्ट्रपति की शक्ति को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। ट्रम्प प्रशासन ने अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है कि वे किस तरह से वेनेजुएला को चलाएंगे। जब ट्रम्प से पूछा गया कि क्या वेनेजुएला में शासन चलाने में मदद के लिए अमेरिकी सेना तैनात की जाएगी, तो उन्होंने जवाब दिया, “नहीं, अगर उपराष्ट्रपति वही करते हैं जो हम चाहते हैं, तो हमें ऐसा करने की जरूरत नहीं होगी।” इससे यह सवाल उठता है कि अगर रोड्रिग्ज पद छोड़ने से इनकार करती हैं तो अमेरिकी राष्ट्रपति वेनेजुएला का शासन कैसे चलाएंगे। कार्डोजो स्कूल ऑफ लॉ की प्रोफेसर और विदेश विभाग की पूर्व वरिष्ठ वकील रेबेका इंगबर ने कहा कि उन्हें अमेरिका के लिए वेनेजुएला को नियंत्रित करने का कोई कानूनी तरीका नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यह एक अवैध कब्जा है और घरेलू कानून के तहत राष्ट्रपति को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। पाकिस्तान- द डॉन: मादुरो को न्यूयॉर्क की जेल में कैद किया, वेनेजुएला पर अब अमेरिका का शासन
अमेरिकी राष्ट्रपति ने वेनेजुएला पर हमले के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़े जाने की घोषणा की। अमेरिका ने हवाई हमलों में काराकास और उसके आसपास के इलाकों पर बमबारी की। व्हाइट हाउस ने X पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें मादुरो को हथकड़ी और चप्पल पहने हुए, न्यूयॉर्क में अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन के एजेंट लेकर जा रहे हैं। ट्रम्प ने कहा, “हमारी बहुत बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला जाएंगी, अरबों डॉलर खर्च करेंगी और बुरी तरह से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत करेंगी।” चीन- साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट: अमेरिका ने मादुरो की सत्ता हथियाई, चीन को तेल देना जारी रखेगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद, अमेरिका वेनेजुएला पर सीधा कंट्रोल करेगा ताकि कोई और इस ​​पर कब्जा न कर सके। उन्होंने चीन को तेल की आपूर्ति जारी रखने का भी वादा किया है। यह हमला 1989 में पनामा पर हुए अटैक के बाद से लैटिन अमेरिका में अमेरिका की सबसे सैन्य कार्रवाई थी और इसने तत्काल अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया, जिनमें सबसे प्रमुख चीन की प्रतिक्रिया थी, जो वेनेजुएला का सबसे बड़ा तेल ग्राहक है। फ्लोरिडा में अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, ट्रम्प ने सवाल उठाया कि क्या विपक्षी नेता शासन करने की स्थिति में हैं। उन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो की तारीफ की। उन्होंने मारिया को एक बहुत अच्छी महिला बताया। हालांकि उनके पास सत्ता संभालने के लिए समर्थन की कमी थी। मचाडो ने शनिवार को इससे पहले एक बिल्कुल अलग रुख अपनाते हुए मादुरो की गिरफ्तारी को आजादी का पल बताया और कहा कि विपक्ष सत्ता संभालने के लिए तैयार है। कतर- अल जजीरा: रिपब्लिकन पार्टी बोली- ट्रम्प को गर्व होना चाहिए, वे वेनेजुएला को आजाद करा रहे डोनाल्ड ट्रम्प ने जब राष्ट्रपति बनने की घोषणा की थी तब उन्होंने खुद को अमेरिका की पुरानी आक्रामक विदेश नीति से अलग बताया था। वे अपने विरोधियों को ‘युद्ध पसंद’ और ‘जंगी बाज’ कहते रहे हैं। अब उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़वाने का आदेश दिया है और कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला को खुद चलाएगा। इस फैसले की तुलना उन पुराने युद्धों से की जा रही है, जिनमें अमेरिका दूसरे देशों की सरकारें बदलता था। ट्रम्प हमेशा ऐसे युद्धों के खिलाफ बोलते थे। ट्रम्प के अपने समर्थक भी इस फैसले से नाराज हैं। वे इसे युद्ध की ओर बढ़ता कदम बता रहे हैं। फिर भी रिपब्लिकन पार्टी के ज्यादातर नेता ट्रम्प का साथ दे रहे हैं। सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रम्प और उनकी टीम को गर्व होना चाहिए क्योंकि वे वेनेजुएला को आजाद कराने की शुरुआत कर रहे हैं। ग्राहम ने वेनेजुएला को ‘ड्रग्स का खलीफा’ कहा और बोले कि अमेरिका की सुरक्षा के लिए अपने पड़ोस में इससे निपटना जरूरी है। ग्राहम ने ट्रम्प को अमेरिकी इतिहास का सबसे बेहतरीन राष्ट्रपति बताया। अमेरिकी मीडिया- CBS न्यूज: ट्रम्प बोले- फिलहाल हम ही देश चलाएंगे, अपराधी को गिरफ्तार ले आए व्हाइट हाउस के रैपिड रिस्पांस अकाउंट ने X पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें मादुरो दिखाई दे रहे थे। इसमें कैप्शन लिखा “अपराधी को ले जाया गया।” सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के उपाध्यक्ष, डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वार्नर ने इस ऑपरेशन को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि, “क्या इसका मतलब यह है कि कोई भी बड़ा देश किसी छोटे पड़ोसी देश के शासक पर मुकदमा चलाकर उसे सत्ता से हटा सकता है?” उन्होंने कहा, “कई बार हुई बैठकों में जब हमने इस बारे में बात की कि अगला पद कौन संभालेगा, क्या यह सेना होगी? क्या यह विपक्ष होगा? – तब उपराष्ट्रपति के एक संभावित उम्मीदवार होने के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई।” उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान “असाधारण” था और “हमारी सेना की दक्षता” को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “लेकिन बिना किसी स्पष्ट मिशन और अगले कदम के बारे में जानकारी के हमारे सैनिकों को खतरे में डालना वास्तव में चिंताजनक है।”

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *