पंजाब में हाल ही में आई भीषण बाढ़ के दौरान पठानकोट के माधोपुर हेडवर्क्स के गेट टूट जाने से हालात और गंभीर हो गए थे। इस लापरवाही को लेकर सिंचाई विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की ओर से एक्सईएन नितिन सूद, एसडीओ अरुण कुमार और जेई सचिन ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनकी निलंबन की अधिसूचना जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा जारी की गई। गौरतलब है कि गेट टूटने की घटना के समय विभाग का एक कर्मचारी भी अपनी जान गंवा बैठा था। यह हादसा न केवल प्रशासनिक चूक का बड़ा उदाहरण बना, बल्कि बाढ़ की तबाही को और बढ़ा गया। इसी मामले को गंभीरता से लेते हुए बीते दिनों केंद्र सरकार की एक टीम ने भी माधोपुर हेडवर्क्स का दौरा किया और हालात का जायजा लिया था। सूत्रों के मुताबिक विभाग के और भी अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है, हालांकि प्रमुख सचिव द्वारा जारी पत्र में इसका कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। हेलिकॉप्टर से निकाला गया था मारे गए कर्मचारी का शव मिली जानकारी के अनुसार 27 अगस्त को पठानकोट के माधोपुर हेडवर्क्स का गेट टूट गया था। डैम से सीधा पानी रावी नदी में जा रहा था। गेट टूटने से लगभग 50 लोग पानी में फंस गए थे। ये लोग गेट के रिपेयर कार्य में जुटे थे। हेलिकॉप्टर के जरिए इनको रेस्क्यू किया गया था। घटना के अगले दिन पता चला कि एक व्यक्ति की मौत भी हुई है। जिसका शव 28 अगस्त को हेलिकॉप्टर के जरिए निकाला गया। फ्लड गेट की मरम्मत में लगभग 50 लोग लगे हुए थे। जिस जगह डैमेज हुआ ये वहीं फंस गए थे। अधिकारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर जारी किया गया पत्र…


