मानसून सीजन बीतने के चार दिन बाद भोपाल में शनिवार को मौसम ने यू-टर्न लिया। दोपहर 3:30 बजे तक आसमान में बादलों की आवाजाही चलती रही। इसके बाद शहर के ज्यादातर हिस्सों में तेजी से बौछारें पड़ीं। रात 8:30 बजे तक 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस सीजन में पहली बार भोपाल में तीन बांधों- कोलार, कलियासोत और भदभदा डेम के गेट एक ही दिन खोले गए। कोलार डेम का एक गेट सुबह करीब 8 बजे खोला गया था। रात 8:30 बजे भदभदा डेम का एक गेट खोलकर बड़े तालाब से पानी की निकासी की गई। 10 मिनट बाद, रात लगभग 8:40 बजे कलियासोत डेम के दो गेट खोले गए। इस सीजन में कलियासोत और भदभदा डेम के गेट दसवीं बार खोले गए हैं। भोपाल में इस सीजन में सिर्फ केरवा डेम के ऑटोमैटिक गेट अब तक नहीं खुले। दो तरफ से आ रही नमी करा रही बारिश: मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि झारखंड और छत्तीसगढ़ में कम दबाव का क्षेत्र और अरब सागर में ‘शक्ति’ तूफान सक्रिय है। उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण नमी दो तरफ से आ रही है, जिससे प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई है। 9 जिले भीगे, सीधी में साढ़े 5 व इंदौर में सवा 4 इंच बारिश….
बीते 24 घंटे में प्रदेश के 9 जिलों में 1 इंच से लेकर साढ़े 5 इंच तक बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश सीधी जिले में हुई। यहां साढ़े 5 इंच पानी बरसा। इंदौर में सवा 4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सिंगरौली, रीवा, सतना, धार, मंदसौर और हरदा में भी बारिश हुई। मानसून की रवानगी के बाद भी बारिश, 10 साल में 8 बार ऐसा
मौसम विशेषज्ञ डॉ. जीडी मिश्रा ने बताया कि मानसून की रवानगी के बाद भी बारिश होने का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 8 बार ऐसा हुआ। भोपाल में अक्टूबर की बारिश का कोटा 31.5 मिमी है। 2009 में 22 अक्टूबर को सवा 5 इंच (128.5 मिमी) पानी बरसा था। आज कोई अलर्ट नहीं, पर भोपाल में बारिश के आसार मौसम विभाग ने रविवार के लिए अलर्ट जारी नहीं किया है। भोपाल समेत पूरे प्रदेश में हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। अक्टूबर में मौसम का ऐसा है ट्रेंड: भोपाल में अक्टूबर के मौसम की खासियत यह है कि पिछले 11 सालों में केवल एक बार 2021 में रात का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री रहा, जब बारिश ज्यादा हुई थी। इन 11 साल में दो बार (2017, 2023) पूरे अक्टूबर में बारिश नहीं हुई। जबकि 2015, 2017 और 2023 में अक्टूबर में अधिकतम तापमान 36-37 डिग्री पहुंचा था। दो घंटे में 7.8 डिग्री लुढ़का पारा आज ‘शक्ति’ प्रदर्शन… गुजरात-महाराष्ट्र में तेज बारिश का अलर्ट मानसून के बाद अरब सागर में उठा पहला चक्रवात ‘शक्ति’ गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को बताया कि यह तूफान गुजरात के द्वारका से 420 किमी दूर समुद्र में सक्रिय है। इसकी वजह से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। अगले 24 घंटे में यह पश्चिम-दक्षिण पश्चिम की ओर बढ़ेगा और अरब सागर के उत्तर-पश्चिम और मध्य हिस्सों तक पहुंचेगा। तूफान के असर से गुजरात, उत्तर महाराष्ट्र में समुद्र उफान पर है। इससे दोनों राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस चक्रवात का नाम श्रीलंका ने सुझाया है। इनके नाम बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के आसपास के 13 देशों द्वारा बारी-बारी से चुने जाते हैं।


