रांची में बालू माफियाओं की दबंगई बढ़ती जा रही है। दो दिन पहले 28 जून की रात बालू ट्रक ने नामकुम थाना प्रभारी की गाड़ी को टक्कर मार दी थी। इस घटना में थाना प्रभारी व उनका बाडीगार्ड गंभीर हो गया था। घटना के ठीक एक दिन बाद ही 29 जून की रात पुलिस गश्ती के दौरान अवैध रूप से खनन कर बालू ले जा रहे ट्रक को जब पुलिस ने पकड़ा, तो बालू माफियाओं ने पुलिस की गश्ती गाड़ी को ही घेर लिया। पुलिस कर्मियों को धमका कर बालू ट्रक छुड़ा ले गए। जाते-जाते गश्ती गाड़ी में तैनात पुलिस अधिकारी व कर्मियों को धमकी दे गए कि बालू ट्रक तो हम चलाएंगे, जो करना है कर लो। क्योंकि हम पुलिस को मैनेज करते हैं। इस संबंध में चुटिया थाना के एएसआई गुरुचरण पंडित ने वरीय पुलिस अधीक्षक रांची चंदन सिन्हा को लिखित आवेदन दिया है। जिसमें बताया है कि कैसे बालू माफियाओं ने पुलिस की गश्ती गाड़ी में तैनात पुलिस कर्मियों से धमकी भरे लहजे में बात की और बालू लदा ट्रक देर रात सड़क से ही छुड़ा ले गए। रात की पूरी घटना गश्ती ड्यूटी पर रहे एएसआई गुरुचरण पंडित की जुबानी… एएसआई गुरुचरण पंडित ने बताया कि वे 29 जून की रात 12.30 बजे गश्ती पर थे। उनके साथ आरक्षी वीरेंद्र कंडुलना और हवलदार रिझा उरांव भी थे। पुलिस के गश्ती वाहन को चालक आरक्षी रवींद्र कुमार सिंह चला रहे थे। गश्ती के क्रम में घाट रोड चुटिया में केतारी बागान के पास एक टर्बो (नंबर जेएचईई 4309) को अवैध रूप से बालू ले जाते देखा गया। उसे रोकने की कोशिश की गई तो वह भागने लगा। पीछा कर टर्बो ट्रक को पकड़ा गया। उससे बालू के संबंध में कागजात मांगे गए तो वह नहीं दे सका। इसके कुछ ही देर बाद पीछे से एक सफेद रंग की एसयूवी गाड़ी आई। उसमें से एक व्यक्ति निकला। उसने खुद को मंगल महतो बताया। मंगल महतो ने एएसआई गुरुचरण पंडित को कहा कि बालू गाड़ी को क्यों रोका। यह मेरी गाड़ी है। हम लोग बालू ले जाएंगे। उसने यह भी कहा कि हम थाना को मैनेज करते हैं। गाड़ी नहीं ले जाने दिया तो और 6-7 लोग पहुंच गए जब एएसआई गुरुचरण पंडित ने अवैध बालू लदे ट्रक को नहीं छोड़ा तो और 6-7 लोग वहां पहुंच गए। वे सभी गश्ती दल के पुलिस कर्मियों के साथ बदसलूकी करने लगे। उनके साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने लगे। इसके बाद रास्ते से ही वे लोग दबंगई करते हुए ट्रक को छुड़ा ले गए। जाते-जाते धमकी दे गए कि जो करना है कर लो। एएसआई ने लिखा है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जाए।


