भास्कर न्यूज | लुधियाना नगर निगम की हॉर्टीकल्चर ब्रांच के साथ मारपीट के आरोप में पुलिस ने पहले कांग्रेस नेता इंद्रजीत इंदी को गिरफ्तार किया और बाद में कोर्ट ने एक दिन में ही रिहा कर दिया, क्योंकि पुलिस पुख्ता सबूत पेश नहीं कर पाई। इसके बाद पूरी कांग्रेस लीडरशिप और शहर के सभी कांग्रेसी पार्षद पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के दफ्तर में इकट्ठे हुए। जहां उन्होंने आम आदमी पार्टी, पुलिस और निगम के अधिकारियों को घेरते हुए प्रेस कांफ्रेंस के जरिए ये चेतावनी दे दी है कि विपक्ष के पार्षद झूठे पर्चों और धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कोर्ट का धन्यवाद करते हुए ये कह दिया कि ये मामला यहीं रुकेगा नहीं। वह अधिकारियों के खिलाफ अब हाईकोर्ट का रूख करेंगे ताकि धक्केशाही करने वालों को सबक मिल सके। प्रेस कांफ्रेंस में पार्षद पति इंद्रजीत इंदी के साथ पूर्व मेयर बलकार सिंह संधू, पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा, पूर्व पार्षद ममता आशू, पार्षद पति सन्नी भल्ला, पूर्व पार्षद और सीनियर नेता डा जय प्रकाश समेत भारी संख्या में कांग्रेस के नेता और मौजूदा पार्षद मौजूद थे। प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व मेयर बलकार सिंह संधू ने कहा कि ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि पार्षद के झगड़े के मामले में मौजूदा मेयर ने कोई दखल ही नहीं दिया है, जबकि उन्हें इस मामले में सबसे पहले दखल देना चाहिए था। वह दोनों को बुलाती और उसका हल करती। उन्होंने कहा कि उनके समय और पुराने मेयरों ने हमेशा ये किया है कि अगर किसी की कोई लड़ाई होती थी तो मेयर फैसला करवा देता था। मामला कभी एफआईआर दर्ज होने तक नहीं पहुंचने दिया गया है, क्योंकि हाउस एक परिवार है और मेयर को इसे समझना चाहिए। अगर किसी पार्षद को कोई दिक्कत आ रही है तो उसे पहले के आधार पर हल करवाने के लिए दोनों पार्टी को ऑफिस में बुलाकर समझाना चाहिए। क्योंकि लोगों के काम के लिए ही पार्षद ने दफ्तर में जाना होता है। लेकिन अब अगर अफसर मौजूदा सरकार के इशारे पर उनके पार्षदों को ऐसे ही धमकियां देंगे तो ये सहन नहीं होगा। पार्षद को डरा नहीं सकते। आज शहर के सभी पार्कों के बुरे हाल हैं, लेजर वैलियां उजड़ चुकी हैं, सेंट्रल वर्ज का हाल बुरे हैं। हॉर्टीकल्चर के मुलाजिम सिर्फ अपने आकाओं को खुश करने के लिए लगे हैं। कोर्ट ने झूठा पर्चा रद्द कर दिया है, जो सीधे तौर पर उनके मुंह पर थप्पड़ है।


