मकर संक्रांति पर्व मारवाड़ मुंडवा में उल्लास के साथ मनाया गया। दिनभर छतों पर वो काटा का शोर रहा। इस बीच मारवाड़ मूंडवा के जांगिड़ परिवार ने 10 फीट लंबी और 10 फीट चौड़ी पतंग बनाई है। परिवार के दो भाई दामोदर जांगिड़, मुकेश जांगिड़ पिछले दो सालों से इतनी बड़ी पतंग बना रहे हैं। शहर के मंदिरों में सुबह से ही घेवर फिणी के भोग परोसे गए। महिलाओं ने मकर संक्रांति के दिन 13-13 वस्तुओं का दान करते हुए पुण्य अर्जित किया। गौशालाओं एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने गायों के लिए चारे, गुड़, लापसी इत्यादि की सेवा की। नगर सेठ चारभुजा मंदिर में भगवान के ग्रभगृह को छोटी छोटी पंतगों से सजाया गया। वहीं शहर के अन्य मंदिरों में भी आकर्षक सजावट हुई। मंगलवार सुबह कोहरा छाया रहने से पतंगबाजी नहीं हो पाई। इसके बाद मौसम पतंगबाजी के अनुकूल होने से दिन भर जमकर पतंगबाजी हुई। शहर की हर छत पर युवक-युवतियां समूह में पतंगबाजी करते नजर आए। शहर की श्रीकृष्ण गौशाला तथा वीर तेजा गौशाला के लिए शोभा यात्रा के साथ सहयोग एकत्रित करने के लिए टीमें निकली। इन्होंने शहर की विभिन्न गलियों, बाजारों, मोहल्लों, चौराहों तक घर घर दुकान दुकान पहुंचकर सहयोग एकत्रित किया। वीर तेजा गौशाला द्वारा पंजाबी बैंड की की अगुवाई में फिरते हुए सहयोग एकत्रित किया। पंजाबी बैंड के वादकों ने कलाबाजियां दिखाते हुए लोगो को आकर्षित किया। शहर के पौकण्डी तालाब के युवाओं ने पिछले 15 दिन से अनूठा अभियान चला रखा था। इन युवाओं ने मिलकर एक जनवरी से ही देशी घी से लापसी की सेवा गायों के लिए शुरू की। युवाओं ने शहर की गलियों में खुले में फिरने वाली गायों को 15 दिन तक लगातार यह लापसी परोसी।


