कवर्धा| मेटाडोर, छोटा हाथी, पिकअप, ट्रैक्टर और ट्रक जैसे मालवाहक वाहनों में सवारी को बैठाया जा रहा है। इन वाहनों में केवल दो लोगों को बैठाने की अनुमति है। इसके बावजूद वाहन के पीछे में निजी कार्यक्रमों व मजदूरों की आवाजाही में 25 से 50 लोग तक बैठाए जा रहे हैं। जिले में पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद न तो परिवहन विभाग सतर्क है और न ही पुलिस कोई सख्ती कर रही है। सुधार की जरूरत है। -मोहित मिरी, कवर्धा


