भास्कर न्यूज | बेमेतरा राजिम कुंभ में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल निर्वाणी अखाड़ा के शिविर पहुंचे। उन्होंने दिगंबर अखाड़ा, निर्मोही अखाड़ा व निर्वाणी अखाड़ा के संतों द्वारा लाए गए पावन निशान की पूजा में भाग लिया। संत-महात्माओं से आशीर्वाद प्राप्त किया। वैष्णव परंपरा निर्मोही अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव महंत नरेंद्र दास, दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर राजीव लोचन दास, राम जानकी मंदिर के महंत सुरेंद्र दास, थान-खम्हारिया के महंत बसंत दास, बेमेतरा कृष्ण मंदिर के महंत गणेश्वर दास, महंत राधा मोहन दास के साथ मुलाकात की। उन्होंने अखाड़ा परिसर में की गई व्यवस्था का निरीक्षण किया। संतों व श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधा की जानकारी ली। इस दौरान उनके साथ धर्म स्तंभ काउंसिल के सभापति डॉ. सौरव निर्वाणी भी उपस्थित रहे। राजेश अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ हमारी सनातन परंपरा व सांस्कृतिक चेतना का विराट उत्सव है। संत समाज की उपस्थिति से यह आयोजन और अधिक दिव्य व प्रेरणादायी बनता है। राज्य सरकार संतों व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अन्य जानकारी भी दी। शाही स्नान में भाग लिया राजेश अग्रवाल ने अखाड़ा के संतों के साथ शाही स्नान में भाग लिया। वैष्णव परंपरा के साथ सभी अखाड़े के महंतों ने घोड़े व रथ में सवार हो त्रिवेणी संगम में स्नान करने पहुंचे। बेमेतरा जिला निवासी व धर्म स्तंभ काउंसिल के सभापति डॉ सौरव निर्वाणी ने कहा राजिम त्रिवेणी संगम की यह पावन भूमि तप, त्याग और साधना की ऊर्जा से ओतप्रोत है। मंत्री राजेश अग्रवाल का संत समाज के प्रति यह सम्मान व समर्पण सनातन संस्कृति के संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संदेश देता है। निर्वाणी अखाड़ा शिविर में संतों के लिए आध्यात्मिक व आधारभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे दूर-दराज से आए संत व श्रद्धालु लाभान्वित हो रहे हैं।


