मालवा मिल पुल हादसा, अंधेरे में बाइक सवार गिरा:2 माह पहले युवक की मौत; परिवार मुआवजे के लिए भटक रहा, आज सीएम करेंगे लोकार्पण

दो माह पहले निर्माणाधीन मालवा मिल पुल में रात के अंधेरे और बैरिकेड्स न होने के कारण बाइक सवार राधेश्याम कुशवाह (34) गिर गए और उनकी मौत हो गई। हादसे के जिम्मेदार निगम है या ठेकेदार, यह तय नहीं हो सका। परिवार मुआवजे के लिए भटक रहा है और अभी तक मृत्यु संबंधी पर्ची नहीं मिली। आज इसी 100 साल पुराने पुल का लोकार्पण किया जाएगा। बैरिकेड न होने से गिर गए घटना 10 अगस्त की रात को हुई थी। तेज बारिश के दौरान राधेश्याम बाइक से मालवा मिल रोड से गुजर रहे थे। निर्माणाधीन पुल पर अंधेरा और बैरिकेड्स न होने के कारण वे पुल में गिर गए। हादसे का पता तभी चला जब बारिश थमी। स्थानीय लोगों ने उन्हें पुलिस की मदद से एमवाय अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। लापरवाही के कारण हादसा उस समय पुल का निर्माण कार्य करीब 4 माह से जारी था, जिसकी समय सीमा 1 वर्ष थी। निर्माण स्थल पर रोशनी और बैरिकेडिंग का उचित इंतजाम नहीं था। सड़क पर मिट्टी के ढेर और अंधेरा हादसे की मुख्य वजह बने। राधेश्याम मेले में खिलौने की दुकान लगाते थे और घटना वाली रात को ठेकेदार को पेमेंट देने जा रहे थे। डेथ सर्टिफिकेट नहीं बना राधेश्याम के परिवार में पिता नवलकिशोर, मां गीता और पत्नी राखी हैं। पूरा परिवार उन्हीं पर आश्रित था। हादसे के अगले दिन पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया और अंतिम संस्कार किया गया। परिवार ने नगर निगम से मृत्यु सर्टिफिकेट मांगा, लेकिन बताया गया कि पहले एमवाय अस्पताल से मृत्यु पर्ची मिले, उसके बाद ही सर्टिफिकेट जारी होगा। मां की दोनों किडनियां खराब राधेश्याम की मां की दोनों किडनियां खराब हैं और वह डायलिसिस पर हैं। साथ ही उन्हें हार्ट की समस्या भी है। कुछ दिन बाद मां और पत्नी अस्पताल गईं, तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तो मिल गई, लेकिन डेथ सर्टिफिकेट नहीं मिला। यदि किसी हादसे में घायल की अस्पताल में मौत होती है, तो शव पोस्टमॉर्टम रूम भेजा जाता है। डॉक्टर मौत की पुष्टि करके इसे सीएमओ ऑफिस में दर्ज करते हैं। इसी आधार पर मृत्यु पर्ची तैयार होती है, जिसमें इलाज से जुड़ी जानकारी और आधार कार्ड की कॉपी शामिल होती है। इसके बाद ही परिजन को आधिकारिक डेथ सर्टिफिकेट दिया जाता है। मौत का रिकॉर्ड अस्पष्ट राधेश्याम की मौत किस यूनिट या वार्ड में हुई, इसकी जानकारी नहीं मिली। सीएमओ ऑफिस में भी 10-11 अगस्त की एंट्री नहीं है। परिवार मुआवजा लेना चाहता है, लेकिन डेथ सर्टिफिकेट न मिलने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। परिवार ने कलेक्टर और नगर निगम की जनसुनवाई में शिकायत की, लेकिन अब तक न तो पर्ची मिली और न मुआवजा। पहले भी मालवा मिल-पाटनीपुरा के लोग प्रदर्शन कर चुके हैं। एमवायएच के सुपरिटेंडेंट डॉ. बसंत निंगवाल ने कहा कि मामला उनकी संज्ञान में आया है। जल्द ही परिवार को मृत्यु संबंधी पर्ची दिलाकर हर संभव सहयोग किया जाएगा।

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