कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया की शुक्रवार रात कांग्रेस में वापसी हो गई। इससे पहले 3 स्तर पर रिपोर्ट बनी। आखिरकार पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने रिपोर्ट रात को एआईसीसी दिल्ली भेजी। रिपोर्ट को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 1 घंटे में ही अप्रूवल दे दी। उसके बाद रात को मालवीया की कांग्रेसी वापसी का अधिकारिक पत्र जारी हो गया। इससे पहले दिन में पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना की अध्यक्षता में राजस्थान कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक हुई। बैठक में मालवीया को वापस कांग्रेस में शामिल करने का फैसला किया गया। इसमें पिछले चुनावों के समय कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए मालवीया की घर वापसी पर मुहर लगी। लेकिन पेंच फंस गया कि वे सीडब्ल्यूसी मेंबर रह चुके हैं। नियमानुसार उनका निर्णय स्टेट स्तर पर लेना संभव नहीं था। इस पर अनुशासन कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पीसीसी चीफ को दे दी। पीसीसी चीफ ने दिल्ली बात की। उसके बाद मालवीया की वापसी का फैसला अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पर छोड़ा दिया। दिल्ली ने डोटासरा की रिपोर्ट मांगी। पीसीसी ने प्रस्ताव बनाकर दिल्ली भेजा। डोटासरा ने बताया कि हमने रिपोर्ट दिल्ली भेजी। मालवीया सीडब्ल्यूसी मेंबर रहे हैं, इस कारण उनका फैसला एआईसीसी स्तर से हुआ। उनकी वापसी के ऑर्डर हो गए हैं। 6 और नेताओं को दोबारा करेंगे शामिल अनुशासन कमेटी के उदयलाल आंजना ने कहा कि मालवीया के अलावा कांता भील, खिलाड़ी लाल बैरवा, गोपाल गुर्जर, कैलाश मीणा, सुभाष तंबोली आदि की कांग्रेस में वापसी को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई है। इन सभी मामलों को रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है। अनुशासन समिति की सदस्य शकुंतला रावत ने बड़ा दावा किया कि भाजपा में कई नेताओं का मोहभंग हो चुका है। वे कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भाजपा के कई नेता कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। 23 महीने पहले भाजपा जॉइन की थी, अब बोले- वहां दम घुट रहा


